-ग्रामीणों को बैठने और सुविधाजनक राशन वितरण की सुविधा जल्द मिलेगी
-समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ 31 मार्च तक योजना पूरी करने का लक्ष्य
-जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सक्रियता से पहली किस्त के रूप में 3.21 करोड़ रुपये जारी, प्रत्येक भवन में बेहतर सुविधाओं का होगा निर्माण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले की ग्रामीण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गाजियाबाद की 76 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने कुल लागत की 50 प्रतिशत धनराशि के रूप में 3.21 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे निर्माण कार्य की प्रक्रिया को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था में सुधार होगा। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एक अन्नपूर्णा भवन के निर्माण पर 8 लाख 46 हजार रुपये की लागत आएगी। उन्होंने ब्लॉकवार वितरण की जानकारी देते हुए बताया कि भोजपुर और मुरादनगर ब्लॉक में 23-23 भवन बनाए जाएंगे, जबकि रजापुर में 15 और लोनी में 13 भवन निर्माण के लिए चिन्हित हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य न केवल राशन की स्थायी दुकानों का निर्माण करना है, बल्कि ग्रामीणों के लिए वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक और सुचारू बनाना भी है।
अमित तिवारी ने बताया कि प्रत्येक अन्नपूर्णा भवन में दो कमरे और एक बरामदा होगा। इससे न केवल राशन का भंडारण सुव्यवस्थित रहेगा, बल्कि कार्डधारकों को बैठने और आराम से राशन प्राप्त करने की सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अलावा निर्माण कार्य की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति करेगी, ताकि सभी भवन गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूरे हों।
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सक्रियता और मेहनत की वजह से यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो और सभी भवनों में निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और फीडबैक तंत्र को लागू करने की भी योजना बनाई है।
अमित तिवारी ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। पहले जहां राशन वितरण असंगठित और असुविधाजनक होता था, अब भवनों के बनने के बाद ग्रामीण आसानी से राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा भवनों में कार्डधारकों के बैठने और प्रतीक्षा की सुविधा होने से बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह प्रक्रिया आसान होगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी 76 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक भवन का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी से बचने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन से गाजियाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्थायी सुधार आएगा और राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
अमित तिवारी के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा भवन निर्माण योजना में गुणवत्ता, समयबद्धता और नागरिक सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी भवनों का मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के लिए विशेष टीम बनाई जाए, जो निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रखे और गुणवत्ता सुनिश्चित करे। उनके सक्रिय प्रयासों और योजना के क्रियान्वयन की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के लोग जल्द ही स्थायी और व्यवस्थित राशन वितरण का लाभ प्राप्त कर पाएंगे। जिला प्रशासन की यह पहल और अमित तिवारी की कार्यशैली ग्रामीण क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होने जा रही है। अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण से न केवल राशन वितरण की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुचारू रूप से पहुँच सकेगा।

जिला पूर्ति अधिकारी
जिले की 76 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। इन भवनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जाएगा। प्रत्येक अन्नपूर्णा भवन में दो कमरे और एक बरामदा होगा, जिससे राशन का भंडारण बेहतर होगा और कार्डधारकों को बैठने और आराम से राशन लेने की सुविधा मिलेगी। हमने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो। सभी भवनों में निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा किया जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण और फीडबैक तंत्र लागू किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि सभी 76 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाए। इसके माध्यम से न केवल राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। हमारे प्रयास का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की सुविधा, समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित करना है।
अमित तिवारी
जिला पूर्ति अधिकारी
















