-जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की तत्परता से अवैध शराब तस्करी पर नियंत्रण, लगातार अभियान से तस्करों की धड़कनें बढ़ीं
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करने के लिए आबकारी विभाग की टीम को कितनी मशक्कत करनी पड़ती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सर्द रातों में भी कभी चेकिंग अभियान चलाकर तो कभी जिले में दबिश देकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज नही रही है। वहीं इस कारोबार में शामिल तस्करों को यह नहीं पता कि बाहरी राज्यों की शराब हो या फिर यूपी की लाइसेंसी शराब दोनों ही जेल भिजवा सकती है। शराब पीना जुर्म नहीं, मगर बिना अधिकृत शराब बेचना जरुर जुर्म है। शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी सीज हो जाता है। भले ही शराब तस्करी में पकड़ी गई शराब की कीमत 1000-500 रुपये हो, मगर तस्करी में प्रयुक्त वाहन की कीमत लाखों में होती है और वह भी सीज हो जाती है। छोटा सा लालच जेल का रास्ता दिखाने के साथ ही हजारों-लाखों रुपये का नुकसान भी पहुंचा सकता है।
शनिवार रात को आबकारी विभाग की टीम ने एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। जिसके पास विभाग की टीम ने मात्र करीब 400 रुपये कीमत की यूपी शराब पकड़ी, मगर तस्करी में प्रयुक्त एक दोपहिया वाहन भी सीज कर दिया। जितने की शराब नहीं, उससे कहीं अधिक तस्कर को नुकसान तो हुआ ही, साथ ही सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया। आबकारी विभाग की सक्रिय टीम ने शनिवार रात एक बार फिर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया। जिले में अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से विभाग की टीमें 365 दिन, 24 घंटे सतत निगरानी और कार्रवाई करती हैं। इस अभियान में आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना रबूपुरा की संयुक्त टीम ने एक शराब तस्कर को धर दबोचा और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और रबूपुरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान तस्कर अजय उर्फ अज्जू पुत्र सतवीर को गिरफ्तार किया गया।
तस्कर के पास से 45 पौवा ट्विन टावर देशी शराब (यूपी मार्का) बरामद की गई, जिसकी बाजार कीमत मात्र लगभग 400 रुपये है। हालांकि, आबकारी विभाग ने तस्करी में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक को भी सीज कर दिया, जिसकी कीमत 30 से 40 हजार रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई से तस्कर को मात्र शराब के मूल्य से कहीं अधिक का नुकसान हुआ और उसे जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचना पड़ा। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हमारा उद्देश्य केवल शराब तस्करों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लोग अवैध शराब से दूर रहें। छोटे लालच में शामिल होने से न केवल कानूनी पचड़े का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इसी कारण हमारी टीम लगातार सर्द रातों और त्योहारी अवसरों पर भी जागरूक रहती है। शराब पीना अपराध नहीं, लेकिन बिना लाइसेंस के शराब बेचना $कानूनन अपराध है, और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाती है। आबकारी अधिकारी की सक्रियता के कारण जिले में अवैध शराब तस्करों में डर का माहौल बन चुका है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाहरी राज्यों की शराब हो या यूपी की लाइसेंसी शराब, नियम के खिलाफ बिक्री करने वालों को राहत नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी सीज किया जाता है, जो अक्सर लाखों रुपये मूल्य के होते हैं। इस तरह विभाग न केवल तस्करों को रोकता है, बल्कि अवैध कारोबार के आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त करता है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली की विशेषता यह है कि वे व्यक्तिगत रूप से हर कार्रवाई की निगरानी करते हैं। चाहे चेकिंग अभियान हो, दबिश या थाने में की जाने वाली कार्रवाई, हर गतिविधि उनका सीधा निर्देशन और मार्गदर्शन पाती है। उन्होंने बताया कि न्यू ईयर के दौरान जिले में शराब की बिक्री और सेलिब्रेशन बढ़ जाती है, ऐसे में विभाग की टीम होटल, रेस्टोरेंट, बार और दुकानों की लगातार चेकिंग करती रहती है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हर पहलू को कवर किया जाए। विभाग का अभियान केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता को जागरूक करना और तस्करों को चेतावनी देना भी इसका हिस्सा है।
यही कारण है कि हम हर सप्ताह जिले में रात और दिन दोनों समय अभियान चलाते हैं। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आगे बताया कि इस तरह के अभियान से न केवल शराब तस्कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचते हैं, बल्कि उनकी संपत्ति भी सीज हो जाती है। इससे तस्करों के लिए अवैध व्यापार करना जोखिमपूर्ण बन जाता है और युवा पीढ़ी में अवैध शराब से दूरी बनाने की भावना बढ़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग ने जिले में अब तक दर्जनों वाहनों और तस्करों को पकड़कर कानून के तहत कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने भी विभाग की कार्यवाही की सराहना की। उनका कहना था कि आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सक्रिय निगरानी और तेज निर्णय क्षमता के कारण जिले में अवैध शराब तस्करों का कारोबार तेजी से घटा है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल कानून का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और शांति का माहौल भी बनता है।
















