- श्री राधा कृष्ण गौशाला नगला साटा समान की कार्यकारिणी समिति की बैठक, गोसेवकों की सुविधा और सेवा पर रहा जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्री राधा कृष्ण गौशाला नगला साटा समान की ग्रामीण कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन रविवार को बड़े ही श्रद्धाभाव और गंभीरता के साथ किया गया। बैठक में गौशाला के रखरखाव, गौ माता की सेवा में लगे गोपालकों की कार्यशैली, उनके रहन-सहन से जुड़ी सुख-सुविधाओं तथा सेवा कार्यों में निरंतर विकास की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। गौशाला परिसर में आयोजित इस बैठक के दौरान जब उपस्थित जनों ने गौ माता के दर्शन किए और गौशाला में भ्रमण किया, तो सभी के मन में अद्भुत आत्मिक शांति का अनुभव हुआ। वहां का वातावरण भक्ति और सेवा की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। इस अवसर पर दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के लिए परमपिता परमात्मा से उनके परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना भी की गई। गौ सेवक रघुनंदन भारद्वाज ने कहा कि गौ माता सनातन धर्म का आधार हैं और उनकी सेवा कभी निष्फल नहीं जाती।
जहां कहीं भी गौ सेवा का अवसर प्राप्त हो, हमें अपनी समर्था अनुसार परिवार सहित उसमें शामिल होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गौमाता की किसी भी प्रकार की सेवा में लगे गोसेवकों का मनोबल बढ़ाना भी बहुत बड़ी गौ सेवा का प्रतीक है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गौशालाएँ केवल गौ माता की सेवा का केंद्र ही नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। यहां पर सेवा, समर्पण और धर्म की शिक्षा एक साथ देखने को मिलती है। ग्रामीण कार्यकारिणी समिति ने ठोस निर्णय लेते हुए यह संकल्प लिया कि भविष्य में गौशाला का संचालन और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा ताकि सेवा का लाभ हर स्तर तक पहुंचे।
बैठक में उपस्थित गोसेवकों ने बताया कि गौशाला की सेवा में तन, मन और धन से योगदान देने वाले सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं के लिए आत्मा से बार-बार आशीर्वाद निकलता है। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की गई कि वे उनके परिवार को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। श्री राधा कृष्ण गौशाला नगला साटा समान की बैठक केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम भर नहीं रहा, बल्कि यह गौ सेवा और धर्म के प्रति समर्पण की सजीव मिसाल बनकर सामने आया। यहां से एक स्पष्ट संदेश गया कि गौमाता की सेवा और उनके संरक्षण के बिना सनातन संस्कृति का संरक्षण संभव नहीं।

















