7 राज्यों में जियो व एअरटेल के मोबाइल टावरों में उपकरण चुराने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच की टीम ने किया पर्दाफाश

जियो व एयरटेल के मोबाइल टावरों के उपकरण चोरी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार
-4 करोड़ का माल एवं घटना में प्रयुक्त कार व छोटा हाथी बरामद

गाजियाबाद। दिल्ली, एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में जियो व एयरटेल के मोबाइल टावरों से बैटरी, आरआर यूनिट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चोरी करने वाले शातिर अपराधियों के अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच की टीम ने पर्दाफाश करते हुए बीए-बीटेक पास समेत 6 शातिरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से क्राइम ब्रांच की टीम ने 4 करोड़ रुपये कीमत का माल व चोरी करने वाले उपकरण बरामद किए है। चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया शुक्रवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने नंदग्राम से कबाडी कैफ मलिक पुत्र फुरकान, शुएब पुत्र सगीर निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली, सुमित कसाना पुत्र महेश कसाना निवासी ग्राम गढी कलंजरी चांदीनगर बागपत, इंजीनियर राहुल गोयल पुत्र राम गोपाल गोयल निवासी ग्राम ताँसीपुर हरिद्वारा, चोर सुहेल मलिक पुत्र महबूब मलिक निवासी ग्राम डाहर सरूरपुर मेरठ एवं वसीम अलवी पुत्र मुस्तकीम निवासी मोहल्ला पठानान कस्बा मुरादनगर को गिरफ्तार किया है।

जिनकी निशानदेही पर 51 मोबाइल टावर की रेडियो रिसीवर यूनिट, 8 मोबाइल टावर बैटरी, 30 मोबाइल टावर ड्यूप्लेक्सर, दो मोबाइल टावर आडीयू (इनडोर यूनिट), तीन मोबाइल टावर बीबीयू (बेस बैंड यूनिट), 1 मोबाइल टावर ओडीयू (आउटर यूनिट), 1 ग्राइंडर मशीन मय बैटरी, 3 ग्राइंडर मशीन प्लेट, 1 फोल्डिंग सीढ़ी, 1 प्लास, 2 रिन्च बडे व छोटे, 1 वायर कटर और घटना में प्रयुक्त होण्डा सिटी कार और टाटा मैजिक (छोटा हाथी) बरामद किया गया। कैफ मलिक बीए प्रथम वर्ष का छात्र है, जिसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। अपने पिता फुरकान मलिक के साथ उनकी मुस्तफाबाद दिल्ली स्थित कबाड की दुकान पर काम करने लगा। वहां उसकी मुलाकात शुएब से हुई। शुएब ने मोबाइल टावरों से चोरी की आरआरयू व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बेचने के लिए कहा। कैफ ने मार्केट मे पता करके जावेद से संपर्क किया। जब माल लेने व देने की पूरी बात हो गई तो इन लोगों ने मिलकर एक गिरोह बनाया। जिसमे चोरी करने के लिए सुहेल मलिक, वसीम, अल्ताफ व जुबैर एवं मोबाइल टावरों के मेन्टिनेन्स करने वाले इंजीनियर राहुल गोयल इनसे चोरी का माल लेकर कैफ मलिक, सुमित कसाना, मेरठ के नईम व दिल्ली के मेहराजुद्दीन के माध्यम से मुस्तफाबाद दिल्ली के जावेद व उसके भाई वसीम को बेच देते थे।

इंजीनियर राहुल गोयल ने रूडकी से बीटेक किया है। उसका प्लेसमेंट नही हुआ तो प्राइवेट कंपनियों में काम करने लगा। वर्तमान समय में वह सार टेली कन्सट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में बतौर मैनेजर 4 वर्षो से काम कर रहा है। यह कम्पनी मोबाइल टावर के मेंटेनेंस का काम करती है। पिछले कुछ समय से उसने पश्चिमी बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश व राजस्थान के ऑपरेशन व मेन्टीनेन्स स्टॉफ से मिलकर आरआरयू की चोरी कराकर सुहेल, जुबैर, वसीम, कैफ को देकर लाभ कमा रहा था। एडीसीपी ने बताया आरोपी पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल टावरों की बैटरी, रेडियो रिसीवर यूनिट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की चोर बजारी में काफी मांग चल रही है। मोबाइल टावरों पर लगे उपकरण काफी मंहगे होते है और इनको चुराना काफी आसान होता है और इसकों ट्रांन्सपोर्ट करने में कोई समझ भी नही पाता हैं। पहले यह लोग अलग-अलग चोरी की आरआरयू का काम करते थे। फिर मिलकर अपना एक संगठित गिरोह बना लिया। गिरोह मे कैफ, सुमित कसाना, राहुल गोयल, शुएब मलिक, वसीम अलवी, सुहेल मलिक, जुबैर, अल्ताफ, नईम, मेहराजुद्दीन, जावेद व उसका भाई वसीम शामिल है। गिरोह के सुहेल मलिक, वसीम अलवी, जुबैर व अल्ताफ दिल्ली एनसीआर में दिन में कबाडे की फेरी करके कबाड़ का काम करते है और जिस मोबाइल टावर से इनको चोरी करनी होती है उसको ये लोग दिन के समय ही कबाडे की फेरी करते हुए चिन्हित कर लेते थे।

घटना स्थल पर जाने के लिए गाडी का इंतजाम सुहेल करता और रात्रि के समय में उस गाड़ी से ये लोग चिन्हित किये गये टावर पर पहुँच जाते है और इनके दो-तीन साथी मोबाइल टावर पर चढ जाते है और औजारों की मदद से उसमें लगे रेडियो रिसीवर यूनिट, बैट्री व अन्य कीमती उपकरण चोरी कर लेते थे। चोरी करने के बाद चोरी किया सामान ये लोग उसी गाडी मे रखकर फरार हो जाते थे। राहुल इन लोगों को सभी उपकरणों के बारे में बताता था कि कौन सा उपकरण क्या है और कितना महंगा है। चोरी किए गए माल को बेचने के लिए कैफ, शुएब, सुमित, नईम, मेहराजुद्दीन उस माल को जावेद व उसके भाई वसीम को पहुंचाते है। माल बेचने के बाद जो रूपये मिलते है उसको ये लोग आपस मे बाँट लेते है। माल को इक_ा होने बाद गाडी का इन्तजाम मेहराजुद्दीन करता था। पकड़े गए आरोपी पश्चिमी बंगाल, बिहार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद, नोएडा दिल्ली एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर मोबाइल टावरो से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरी व अन्य कीमती उपकरण चोरी किए है। पूछताछ पर मोबाइल टावरो से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरी व अन्य कीमती उपकरण चोरी करने वाले अन्य अपराधियों के सम्बन्ध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जिसके आधार पर टीमें बनाकर माल बरामदगी व गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं।