• कांवड़ यात्रा के संचालन से लेकर जन समस्याओं के समाधान तक दिखाया प्रशासनिक कौशल
• मेरठ तिराहा कंट्रोल रूम का निरीक्षण, सीसीटीवी व्यवस्था की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
• साथ ही आम नागरिकों की समस्याओं को भी गंभीरता से लिया संज्ञान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास के पावन अवसर पर चल रही कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मार्गों की निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे शहर को सुरक्षा कवच में ढाल दिया गया है। इस व्यवस्था के केंद्र में हैं डीसीपी नगर जोन धवल जायसवाल, जिनकी तेज निगाहें और त्वरित निर्णय क्षमता से हर दिन गाजियाबाद की सड़कों पर व्यवस्थाओं को नई दिशा मिल रही है। बुधवार को डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने मेरठ तिराहा स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। यह कंट्रोल रूम गाजियाबाद शहर में प्रवेश करने वाले कांवडिय़ों की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्र बिंदु है। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड का निरीक्षण किया गया। कैमरों की कवरेज, कार्यशीलता और बैकअप सिस्टम की समीक्षा की गई। मौजूद अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित रिएक्शन और 24×7 सतर्कता का निर्देश दिया गया।
रूट डायवर्जन, ट्रैफिक फ्लो और भीड़ नियंत्रण के प्रत्येक पहलू पर चर्चा की गई। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली रितेश त्रिपाठी, कविनगर भास्कर वर्मा और नंदग्राम पूनम मिश्रा भी उनके साथ मौजूद रहे। डीसीपी ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए सहिष्णुता, संयम और तत्परता की परीक्षा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की एक-एक सांस की जिम्मेदारी हमारी है। कोई भी चूक अस्वीकार्य होगी। तकनीक और मानवीय संवेदना का समन्वय ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कांवड़ यात्रा के निरीक्षण से पूर्व, डीसीपी धवल जायसवाल ने अपने कार्यालय पर रोजाना की भांति आने वाले सामान्य नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हर फरियादी की बात सुनी, समस्याओं की प्राथमिकता और गंभीरता को समझा, संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जनता का भरोसा ही प्रशासन की पूंजी है।
धवल जायसवाल की छवि एक ऐसे अधिकारी की बन चुकी है जो न केवल कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करते हैं, बल्कि जनता से मानवीय संवाद भी बनाए रखते हैं। उनके कार्यशैली की विशेषताएं हैं भौतिक उपस्थिति, सुधारात्मक दिशा-निर्देश, तकनीक आधारित निगरानी, और जनभागीदारी में विश्वास है। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे गाजियाबाद में प्रशासन और पुलिस टीम एकजुट होकर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा में जुटी हुई है। ट्रैफिक पुलिस, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड्स, और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच समन्वय के लिए डीसीपी सिटी लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं। कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देने की यह जो मिसाल डीसीपी सिटी गाजियाबाद ने पेश की है, वह अन्य जिलों के लिए भी एक मार्गदर्शक मॉडल बन सकती है।
तेज निर्णय, मानवीय संवेदना और प्रशासनिक दक्षता का अद्वितीय संगम बन चुके हैं श्री धवल जायसवाल। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद पुलिस की प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं की पूर्ण सुरक्षा, यातायात का सुगम संचालन और शांति व्यवस्था बनाए रखना। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे फील्ड पर लगातार सतर्क रहें, सीसीटीवी निगरानी को सक्रिय रखें और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। श्रद्धालुओं को किसी भी स्थिति में असुविधा नहीं होनी चाहिए। साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


















