• सड़कों पर आएगी ‘डिजिटल लगाम’, आईटीएमएस प्रोजेक्ट को मिल रही रफ्तार
• 53 करोड़ की लागत से बन रहा आधुनिक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम,
• 78 हाई-टेक कैमरों से 16 प्रमुख लोकेशनों पर स्पीड और ट्रैफिक की होगी निगरानी
• 2.43 करोड़ की लागत से तैयार हुई स्मार्ट बिल्डिंग, अक्टूबर से तेज रफ्तार वालों की खैर नहीं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद अब स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत चल रहे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को जबरदस्त रफ्तार मिली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को 15 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत 41 सिग्नलों पर फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है और पोल लगाने व कैमरा इंस्टॉलेशन का कार्य तेज़ी से जारी है। शहर के ट्रैफिक सिस्टम को डिजिटल निगरानी में लाने के उद्देश्य से कुल 53 करोड़ रुपए की लागत से यह स्मार्ट प्रोजेक्ट क्रियान्वित किया जा रहा है। वहीं, गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय नवयुग मार्केट में बन रही आईटीएमएस बिल्डिंग भी तैयार हो चुकी है, जिसमें इंटरनल तकनीकी सेटअप का काम चल रहा है। इस भवन को 2.43 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है और यह एक आधुनिक कंट्रोल रूम हब के रूप में काम करेगा, जहां से पूरे शहर की ट्रैफिक गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए नियमित निगरानी और प्रगति की समीक्षा की जा रही है। 41 सिग्नल जंक्शनों पर रोडसाइड यूनिट्स लगाई जा चुकी हैं, और अब सिग्नल्स पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और डिजिटल स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इस दौरान सिग्नल्स की डक्टिंग और रोड कटिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि 15 अक्टूबर के बाद तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए 16 प्रमुख लोकेशनों पर 78 कैमरे लगाए जाएंगे जो स्पीड को रिकॉर्ड कर स्वत: चालान जनरेट करेंगे। जिन स्थानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की जा रही है, उनमें तिगड़ी गोल चक्कर, शालीमार गार्डन 150 फुटा रोड, दुहाई मेरठ रोड, इंदिरा गड़ी, यूपी गेट, लाल कुआं, सावरी रोड, कौशांबी डिपो, कौशांबी बस स्टैंड, सूर्य नगर रोड, चौधरी चरण सिंह मार्ग, अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा रोड, वजीराबाद रोड, और डीएलएफ रोड शामिल हैं। प्रवेशद्वारों पर भी वाहनों की निगरानी की जाएगी ताकि गाजियाबाद में आने वाली बाहरी गाडिय़ों की गतिविधियों पर भी नज़र रखी जा सके। कैमरों से न केवल स्पीड पर नजर रहेगी, बल्कि यह भी ट्रैक किया जाएगा कि कोई संदिग्ध वाहन या हरकत तो नहीं हो रही। इससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी और ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बनेगी।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी सेल की टीमें इस परियोजना को तीन माह के भीतर पूर्ण करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग, फील्ड विजि़ट और रियल-टाइम फीडबैक के आधार पर कार्य कर रही हैं। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था लागू होने के बाद गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने शहरवासियों से अनुरोध किया कि वे कार्य में हो रहे अस्थायी व्यवधान को समझें और सहयोग करें, ताकि आने वाले समय में उन्हें एक सुरक्षित, व्यवस्थित और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का लाभ मिल सके। महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि शहर के स्मार्ट विकास में नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न सिर्फ ट्रैफिक को बेहतर बनाएगी, बल्कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

नगर आयुक्त
गाजियाबाद शहर को स्मार्ट और सुरक्षित ट्रैफिक व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) परियोजना को प्राथमिकता पर तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि 15 अक्टूबर 2025 तक यह सिस्टम पूरी तरह से कार्यशील हो जाए। यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रैफिक कंट्रोल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सुविधा को भी सुनिश्चित करेगा। 41 सिग्नलों और 16 प्रमुख स्थानों पर हाई-टेक निगरानी से ट्रैफिक व्यवस्था में अनुशासन आएगा और तेज रफ्तार व अनियंत्रित ड्राइविंग पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। मैं शहरवासियों से अपील करता हूं कि वे इस परिवर्तन में सहयोग करें, क्योंकि यह कदम गाजियाबाद को भविष्य का स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल ट्रैफिक की समस्या को सुलझाएगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं, अराजकता और जाम जैसी चुनौतियों को भी कम करेगा। हमारी कोशिश है कि गाजियाबाद की जनता को तकनीक आधारित सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात सुविधा मिले। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करती हूं कि इस परिवर्तनकारी योजना में सहयोग करें, क्योंकि यह व्यवस्था केवल शासन की नहीं, हम सभी की भागीदारी से ही सफल हो सकती है।
सुनीता दयाल
महापौर

मुख्य अभियंता
राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत गाजियाबाद में चल रहे आईटीएमएस प्रोजेक्ट को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए हमारी टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अब तक 41 सिग्नलों पर फाउंडेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है, रोडसाइड यूनिट्स भी इंस्टॉल कर दी गई है और डक्टिंग सहित पोल लगाने का कार्य प्रगति पर है। नगर आयुक्त एवं महापौर के मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि आगामी तीन माह में सभी कैमरे, कंट्रोल सिस्टम और अन्य आवश्यक तकनीकी संरचनाएं पूरी तरह क्रियाशील हो जाएं, जिससे ट्रैफिक नियंत्रण की दिशा में गाजियाबाद एक नया मील का पत्थर स्थापित करे।
नरेंद्र कुमार चौधरी
मुख्य अभियंता
















