डीसीपी सिटी की टीम ने किया लाखों की चोरी का पर्दाफाश: गिरोह का सरगना, पत्नी और दो बेटे गिरफ्तार, 25 लाख के जेवर व नकदी बरामद

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सिहानी गेट थाना क्षेत्र के अशोक नगर में बीते 17 नवंबर की रात में महिला कारोबारी के बंद मकान में लाखों रुपए की नकदी व जेवर चोरी करने वाले एक ही परिवार को गिरफ्तार किया है। गुरूवार को सिहानी गेट थाना पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करते हुए गिरोह का सरगना,उसकी पत्नी व दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी,जेवर समेत करीब 25 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। गुरूवार को पुलिस लाइन के परमजीत हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय की मौजूदगी में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिहानी गेट थाना क्षेत्र के अशोक नगर में रहने वाली अंबर परिधि सहाय आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार करती हैं। बीते 17 नवंबर को वह परिवार के साथ बाहर गई थीं। घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी गार्ड सुरेंद्र पाल पर थी।

इसी दौरान घरफोड़ गिरोह के सदस्यों ने मकान की रेकी कर बंद मकान खंगालकर लाखों रुपए की नगदी-जेवर और अन्य सामान चोरी कर लिया। अंबर परिधि सहाय ने गार्ड सुरेंद्र पर शक जाहिर करते हुए 18 नवंबर को सिहानी गेट थाने में केस दर्ज कराया था। घटना के खुलासा करने के लिए सिहानी गेट थाना प्रभारी निरीक्षक कुलदीप दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीमें गठित की गईं। डीसीपी सिटी ने बताया कि टीमों ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को चिन्हित किया।

गुरूवार को मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घटना को अंजाम देने वाले बनियाठेर जिला संभल के गांव अकरोली निवासी गिरोह का सरगना इंद्रपाल पुत्र बसंतलाल,उसकी पत्नी माला देवी और दो बेटे शिवम व विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी परिवार वर्तमान में थाना सिविल लाइन जिला रामपुर के ज्वालानगर स्थित बजरंग विहार कॉलोनी में रहता है। इंदरपाल इस अंतरराज्यीय गैंग का कुख्यात सदस्य है। इसके विरुद्ध दिल्ली और प्रदेश के कई जनपदों में कुल 19 मुकमदे दर्ज हैं। यह अभ्यस्त अपराधी है। धारा-454, 457,380,411 तथा गैंगस्टर एक्ट के मामलों में पहले भी जेल जा चुका है।पूछताछ में पता चला कि घटना को अंजाम देने वाला गिरोह एक ही परिवार का है। इंंद्रपाल गिरोह का सरगना है।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपए के जेवरात, तीन मोबाइल फोन,अधार कार्ड,पासबुक,घटना में इस्तेमाल स्विप्ट कार और चोरी के सामान को बेचकर हासिल किए गए 63 हजार रुपए बरामद हुए। जेवर मुरादाबाद में गलवाकर चांदी की सिल्लियां बनवाई थीं। डीसीपी के मुताबिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य कबाड़ी बनकर कॉलोनियों में घूमते थे और बंद मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही रात के सन्नाटे में दीवार फांदकर अंदर घुस जाते थे।
अशोक नगर निवासी अंबर परिधि सहाय के घर में भी इसी तरीके से चोरी की गई थी। वारदात के दिन जमशेद ने ही पेचकस और कैंची की मदद से ताले तोड़े थे। आरोपियों ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर मुरादाबाद ले जाकर गलवा दिए थे और चांदी की सिल्लियां तैयार करवाई थीं। डीसीपी सिअी ने बताया कि इंद्रपाल के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 19 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दिल्ली में 10,रामपुर में तीन और सिहानी गेट,लिंक रोड थानों में छह से ज्यादा मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज है। गिरोह के अन्य सदस्य जमशेद और उसकी पत्नी को पुलिस पिछले दिनों ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
डीसीपी सिटी ने बताया कि चोरी के बाद गिरोह को करीब सात लाख रुपए मिले थे। इनमें से इंद्रपाल ने पांच लाख रुपए अपनी पत्नी के बैंक खाते में जमा करा दिए थे। गिरफ्तारी के समय आरोपी चांदी की सिल्लियां बेचने के लिए दिल्ली जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सिल्लियां बेचकर वह अपने साथी जमशेद और उसकी पत्नी की जमानत कराने की तैयारी कर रहे थे। डीसीपी का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।