नशे के नेटवर्क पर होगा निर्णायक वार, गौतमबुद्धनगर में प्रशासन का ‘जीरो टॉलरेंस’ मिशन शुरू

-नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा: मेधा रूपम  
-नार्को कोर्डिनेशन सेंटर की बैठक में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ संयुक्त अभियान तेज करने के निर्देश
-स्कूल, कॉलेज, पीजी और कोचिंग संस्थानों में चलेगा जागरूकता अभियान, संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी विशेष निगरानी
-जनभागीदारी के साथ ‘नार्कोटिक्स फ्री जिला’ बनाने का लक्ष्य, आबकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जनपद को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान और तेज करने का निर्णय लिया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम, नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केवल प्रवर्तन कार्रवाई से नशे की समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की भागीदारी और व्यापक जनजागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, पीजी आवासों, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन परिसरों और इनके आसपास किसी भी प्रकार की नशे से संबंधित गतिविधि संचालित न होने पाए। बैठक के दौरान जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने पिछले एक माह में चलाए गए संयुक्त प्रवर्तन अभियानों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया है। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी, निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। पुलिस और अन्य विभागों के साथ संयुक्त अभियान लगातार जारी हैं। हमारा प्रयास केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना भी हमारी प्राथमिकता है। आमजन से भी अपील है कि यदि कहीं अवैध शराब या मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा सके।

बैठक में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि विभाग द्वारा पिछले दिनों जनपद के 34 शैक्षणिक संस्थानों में नशा एवं तंबाकू नियंत्रण विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा अभियान चलाकर 10 शिक्षण संस्थानों के आसपास संचालित तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी की गई, जिससे विद्यार्थियों की तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों तक आसान पहुंच को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, आबकारी, समाज कल्याण एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित समीक्षा करे और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा नशे के सौदागरों के लिए जनपद में कोई स्थान नहीं है। अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना और समाज को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। सभी विभाग मिशन मोड में कार्य करते हुए जनपद को ‘नार्कोटिक्स फ्री जिला’ बनाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए, ताकि वे इस सामाजिक बुराई से दूर रह सकें। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, अखिलेश बिहारी वर्मा, अभिनव शाही, नामवर सिंह, संजय चन्द्र दीपेन्द्र कुमार एवं पुलिस विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों ने समन्वित कार्रवाई के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप गौतमबुद्धनगर को नशा मुक्त जनपद बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।