बुलंदशहर जिला पंचायत की बोर्ड में विकास से संबंधित योजनाओं को बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकृति दी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया की अध्यक्षता में आहूत की गयी गई बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने किया। बोर्ड बैठक में सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक शिकारपुर अनिल शर्मा, विधायक डिबाई सीपी सिंह, विधायक अनूपशहर संजय शर्मा, विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, विधायक स्याना देवेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य विकास अधिकारी कुलदीप मीना, सदस्यगण बुलंदशहर जिला पंचायत एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

उदय भूमि संवाददाता
बुलंदशहर। बुलंदशहर जिला पंचायत की बोर्ड में विकास से संबंधित योजनाओं को बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकृति दी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया की अध्यक्षता में आहूत की गयी गई बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने किया। बोर्ड बैठक में सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक शिकारपुर अनिल शर्मा, विधायक डिबाई सीपी सिंह, विधायक अनूपशहर संजय शर्मा, विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, विधायक स्याना देवेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य विकास अधिकारी कुलदीप मीना, सदस्यगण बुलंदशहर जिला पंचायत एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बोर्ड बैठक का संचालन करते हुए अपर मुख्य अधिकारी ने अध्यक्ष एवं बैठक में मौजूद सभी सदस्यों का अभिवादन किया। इसके बाद बैठक के एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई। बैठक मेें गत बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि, 15वां वित्त आयोग के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 की अनुपूरक कार्य योजना, जिला पंचायत राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 की अनुपूरक कार्य योजना, जिला निधि में उपलब्ध धनराशि से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराये जाने की स्वीकृति, जिला पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भवन निर्माण हेतु जिला निधि से ऋण दिये जाने, अकेंद्रीय संक्राम्य संवर्ग के कर्मचारियों के सेवा सम्बन्धी प्रकरणों के निस्तारण से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा हुई और अधिकांश प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।
बैठक के दौरान जनसुनवाई (आईजीआरएस पोर्टल), माननीय समितियोंं, शासन व माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों एवं पत्रों की स्वीकृति पर विचार किया गया। साथ ही जिन विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं थे, उनके सम्बन्ध में सदन द्वारा अपर मुख्य अधिकारी को मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय एवं सम्बन्धित विभाग के अपर मुख्य सचिव को सूचित करते हुए यथोचित कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये।

















