जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में विकास कार्यों और शहीद सम्मान को मिली हरी झंडी

  • 900 ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 104 करोड़ का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत
  • ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. अंतुल तेवतिया
  • शहीदों के सम्मान और ग्रामीण विकास में हमेशा रहेगा हमारा सहयोग: डॉ. भोला सिंह
  • अनुपूरक और मूल बजट स्वीकृत, ग्रामीण विकास व आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी गई
  • शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके पैतृक गांवों में गौरव द्वार स्थापित करने का निर्णय
  • जनसुनवाई और सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर
  • अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी के नेतृत्व में बैठक का प्रभावी और समयबद्ध संचालन

उदय भूमि संवाददाता
बुलंदशहर। जिला पंचायत बुलंदशहर की बोर्ड बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने की। बैठक में सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक शिकारपुर अनिल शर्मा, विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मीराज सिंह, जिला पंचायत के सदस्यगण सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से किया, जिसकी सदस्यों ने विशेष सराहना की। बैठक की शुरुआत पिछले बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि से हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए 104 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें जिले की 900 ग्राम पंचायतों में सड़कों, नालियों, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों पर व्यापक चर्चा हुई। गत बोर्ड बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि के साथ ही वर्ष 2025-26 के अनुपूरक बजट, वर्ष 2026-27 का मूल बजट, 15वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत संशोधित कार्य योजनाएं भी सर्वसम्मति से स्वीकृत की गई। इसके साथ ही जिला पंचायत की संशोधित अनुपूरक कार्य योजना और राज्य वित्त आयोग की संशोधित कार्ययोजना को भी सदन की मंजूरी मिली।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिला निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य शीघ्र और प्रभावी रूप से कराए जाएँगे। डॉ. अंतुल तेवतिया ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बजट स्वीकृति के साथ विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक योजना और धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आमजन को वास्तविक लाभ मिले। हमारा उद्देश्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर विकास कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ हो। इसके लिए जिला पंचायत के सभी सदस्य और अधिकारी पूरी सक्रियता से योगदान देंगे। योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए। बजट स्वीकृति और कार्ययोजना का सही उपयोग सुनिश्चित करना जिला पंचायत की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा हमारे द्वारा स्वीकृत हर अनुपूरक और मूल कार्य योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और रोजगार के क्षेत्र में हर कदम का लाभ सीधे लोगों तक पहुँचना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो और जनसुनवाई के माध्यम से पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने शहीदों को सम्मानित करने के महत्व को भी रेखांकित किया। डॉ. तेवतिया ने कहा कि शहीदों की वीरता और बलिदान पीढिय़ों के लिए प्रेरणा है। उनके नाम पर बनाए जाने वाले गौरव द्वार हमारे युवा और ग्रामीण समाज में राष्ट्रभक्ति और साहस की भावना को प्रोत्साहित करेंगे।

शहीदों को गौरव द्वार से किया जाएगा सम्मानित
बैठक में शहीदों के सम्मान को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। सन् 1947-48 में पाकिस्तान सेना के विरुद्ध मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद मलखान सिंह के पैतृक गांव शाहपुर लखावटी में उनके नाम से गौरव द्वार स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा सन् 1965 के शहीद मामऊ, शिकारपुर के शहीद प्रहलाद सिंह, और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त शहीद प्रभात गौड़ के पैतृक गांव पाली आनन्दगढी में भी उनके नाम से गौरव द्वार बनाए जाएंगे। डॉ. भोला सिंह ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनकी वीरता को पीढिय़ों तक याद रखना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बलिदान से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और साहस की भावना विकसित होती है, और यह ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक चेतना बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा। उन्होंने कहा जिले में शहीदों के नाम पर बनाए जाने वाले गौरव द्वार न केवल उनके योगदान को याद करेंगे, बल्कि युवा पीढ़ी में देशभक्ति और साहस की भावना भी जागृत करेंगे। हम जिला पंचायत के साथ मिलकर ग्रामीण विकास के सभी पहलुओं में सक्रिय सहयोग करेंगे ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।

जनसुनवाई और प्रस्तावों की पारदर्शिता
बैठक में जनसुनवाई (आईजीआरएस पोर्टल), समितियों, शासन और जिला स्तरीय अधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गई। सदन ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं प्रस्तावों को कार्य योजना में शामिल किया जाएगा जो सदस्यों के माध्यम से प्राप्त हुए हों, ताकि उनकी उपयोगिता और आवश्यकताओं की प्रमाणिकता सुनिश्चित हो सके। अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने बैठक का संचालन कुशलतापूर्वक किया और प्रत्येक विषय पर विस्तृत चर्चा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि अनुपूरक और मूल कार्य योजनाओं में सदस्यों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे विकास कार्य प्रभावी और समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें। उन्होंने सदन को बताया कि बैठक में अनुपस्थित विभागों के अधिकारियों के मामले में उचित पत्राचार कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया हमने प्रत्येक एजेंडा और प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा सुनिश्चित की।

अनुपूरक और मूल कार्य योजनाओं को सदस्यों के सुझावों के साथ प्राथमिकता दी गई, ताकि विकास कार्य प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू हों। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि जनता के हित में लिए गए सभी निर्णय का सही और समयबद्ध क्रियान्वयन हो। श्री त्रिपाठी ने आगे कहा कि जिन विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं थे, उनके मामलों में आवश्यक पत्राचार और कार्यवाही के माध्यम से सभी प्रस्तावों को सही दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य यह है कि जिला पंचायत के सभी विकास कार्य योजनाबद्ध, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरे हों, जिससे आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।

सदस्यों और अधिकारियों का योगदान
बैठक में उपस्थित सांसद, विधायक और जिला पंचायत सदस्य सभी ने सक्रिय रूप से अपनी बात रखी और सुझाव दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास कार्य केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी प्रभावशीलता और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। डॉ. अंतुल तेवतिया और डॉ. भोला सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में प्रत्येक सदस्य और अधिकारी की भागीदारी आवश्यक है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला निधि का सदुपयोग ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया जाएगा। डॉ. अंतुल तेवतिया ने सभा का समापन करते हुए सभी सांसद, विधायक, सदस्यगण, अधिकारियों, कर्मचारियों और पत्रकार बन्धुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय जिला पंचायत बुलंदशहर के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। बैठक के प्रमुख निर्णयों में अनुपूरक और मूल बजट की स्वीकृति, संशोधित कार्ययोजनाओं का अनुमोदन, शहीदों के गौरव द्वार, ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता देना और जनसुनवाई के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल हैं। बैठक ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिला पंचायत बुलंदशहर में विकास कार्य पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होंगे।