- भारत विकास परिषद बुलंदशहर ने गणतंत्र दिवस पर किया भव्य सम्मान समारोह
- जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने साझा की सेवा की दृष्टि और भविष्य की योजनाएं
- समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारियों ने धर्मजीत त्रिपाठी के योगदान की सराहना की
उदय भूमि संवाददाता
बुलंदशहर। भारत विकास परिषद बुलंदशहर सेवार्थ द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी को सामाजिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘समाजसेवी रत्न’ से सम्मानित किया गया। समारोह में कार्यक्रम संयोजक चन्द्रभूषण मित्तल, अध्यक्ष अनिल बंसल, सचिव विकास ग्रोवर, उपाध्यक्ष मेघा जालान और कोषाध्यक्ष राजपाल सिंह वर्मा ने संयुक्त रूप से उन्हें प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर धर्मजीत त्रिपाठी ने कहा कि सामाजिक सेवा सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की प्रगति में योगदान देने का अवसर है। हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए कि हमारे कार्य समाज के हर वर्ग तक पहुँचें और जरूरतमंदों को वास्तविक सहायता मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए समाज के कमजोर और पिछड़े वर्ग के लिए कार्य करना उनका प्राथमिक लक्ष्य रहा है और आने वाले समय में भी यही उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
धर्मजीत त्रिपाठी ने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा, महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन उनके कार्यक्षेत्र में सतत जारी रहेगा। उन्होंने कहा समाज की भलाई और विकास के लिए यदि हम छोटे-छोटे कदम भी नियमित रूप से उठाते हैं तो उसका प्रभाव दीर्घकालिक और सकारात्मक होता है। यही मेरी सेवा का मूल मंत्र है। समारोह में उपस्थित समाजसेवी, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिकों ने धर्मजीत त्रिपाठी के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम संयोजक चन्द्रभूषण मित्तल ने कहा कि धर्मजीत त्रिपाठी का समर्पण और पारदर्शिता समाज में प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा जिला प्रशासन में उनके योगदान से न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचा है, बल्कि समाज में विश्वास और सहभागिता की भावना भी मजबूत हुई है।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने भी धर्मजीत त्रिपाठी के प्रयासों को सराहा और उन्हें सामाजिक क्षेत्र में और भी सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और सभी उपस्थित लोगों द्वारा सामाजिक कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने के साथ हुआ। धर्मजीत त्रिपाठी ने अंत में कहा समाज की सेवा एक सतत प्रक्रिया है। हमें केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों पर गर्व नहीं करना चाहिए, बल्कि समाज के हित में निरंतर कार्य करते रहना चाहिए। यही सच्ची सेवा और राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। इस प्रकार गणतंत्र दिवस के इस विशेष अवसर पर धर्मजीत त्रिपाठी को सम्मानित कर समाज में उनके योगदान को पहचान देने के साथ-साथ दूसरों के लिए प्रेरणा का संदेश भी दिया गया।
















