नगर निगम में विवाद : मेयर ने लगाये आरोप, अधिकारियों ने दिया बिंदुवार जवाब

मेयर और निगम अधिकारियों के बीच शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को मेयर सुनीता दयाल ने पत्रकार वार्ता कर नगर निगम अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। मेयर ने आरोप लगाया कि नगर निगम की फाइलों को देखने से उन्हें रोका जा रहा है। अधिकारी तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ विभाग और टैक्स विभाग में काफी गड़बड़ी है उसे ठीक किया जाएगा। मेयर ने नगर निगम के टेंडरों में अनियमता का आरोप लगाया। उधर, मेयर की प्रेस कांफ्रेंस खत्म होते ही सभी आरोपों पर बिंदुवार जवाब भेजा गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। विवाद में पति का नाम घसीटे जाने को लेकर सुनीता दयाल ने गुस्सा जाहिर किया। मेयर ने कहा कि अधिकारी तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं।

विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। मेयर और निगम अधिकारियों के बीच शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को मेयर सुनीता दयाल ने पत्रकार वार्ता कर नगर निगम अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। मेयर ने आरोप लगाया कि नगर निगम की फाइलों को देखने से उन्हें रोका जा रहा है। अधिकारी तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ विभाग और टैक्स विभाग में काफी गड़बड़ी है उसे ठीक किया जाएगा। मेयर ने नगर निगम के टेंडरों में अनियमता का आरोप लगाया। उधर, मेयर की प्रेस कांफ्रेंस खत्म होते ही सभी आरोपों पर बिंदुवार जवाब भेजा गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। विवाद में पति का नाम घसीटे जाने को लेकर सुनीता दयाल ने गुस्सा जाहिर किया। मेयर ने कहा कि अधिकारी तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मेरे पति नगर निगम के कामकाज में कोई दखलंदाजी नहीं करते हैं। मेरे पति मेरे साथ रहते हैं, मेरा कोई तलाक नहीं हुआ है। ऐसे में झूठी बातें करने वालों से सवाल है कि क्या कोई महिला अपने पति से कोई राय मशविरा भी नहीं कर सकती। मेयर ने कहा कि उन्होंने सड़कों पर संघर्ष किया है किसी से कोई डर नहीं है। ऐसे में अधिकारियों की मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
विदित हो कि पिछले कुछ दिनों से गाजियाबाद नगर निगम में जबर्दस्त घमासान मचा हुआ है। मेयर के कैंप कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी पर नगर निगम की फाइलें बिना रिकार्ड में चढ़ाये ले जाने और फाइल की आड़ में वसूली करने का आरोप लगा। आरोप है कि नगर निगम की फाइलों को मेयर के पति अपने पास रखते हैं और निगम अधिकारियों को अपने पास बुलाते हैं। इस मामले में आरोपी कर्मचारी को मेयर के कैंप कार्यालय से हटा दिया गया और नगर आयुक्त द्वारा मेयर के पति के पास फाइलें भेजने पर रोक लगा दी गई। मेयर ने आरोप लगाया कि इस मामले में बेवजह उनके पति को घसीटा गया है। उनके पति कोई फाइल नहीं मंगवाते हैं। इस विवाद के बाद मेयर सुनीता दयाल ने निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार दोपहर मेयर ने नगर निगम सभागार में पत्रकारों को प्रेस वार्ता के लिए आमंत्रित किया। पत्रकारों के सामने मेयर ने अधिकारियों पर कई आरोप लगाये।
मेयर ने आरोप लगाते हुए कहा कि कूड़ा उठान गाडियों को लेकर अलग-अलग दरों पर कंपनियों से कांट्रैक्ट किया गया है। मैसर्स जेएस एन्वायरों सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को प्रति वाहन 61,499 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। जबकि दूसरी फर्म नेचर ग्रीन के वाहनों की दर 41,422 रुपए है। मेयर ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में कम बोली लगाने के बावजूद नेचर ग्रीन को कांट्रैक्ट नहीं दिया गया। इस आरोप के जवाब में निगम अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में ओपन टेंडर सिस्टम है, पात्रता की शर्तों को पूरा करने के बाद ही टेंडर जारी होते हैं। कूड़े की गाड़ियों के अनुरक्षण और संचालन को लेकर हुए टेंडर में जेएस एन्वायरों और नेचर ग्रीन के अलावा मैसर्स चंदन सिक्योरिटी, मैसर्स मेट्रोवेस्ट हैंडलिंग और मैसर्स टीपीएस ने भी भागीदारी की थी। इसमें नेचर ग्रीन ने 59,500 रुपये और जेएस एन्वायरो ने 61499 रुपये की दर कोट किया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी का चयन  टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड में मिले अंकों के आधार पर किया गया है। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी बनी थी। कमेटी द्वारा दिये गये क्यूसीबीएस अंक के आधार पर चयन हुआ। नेचर ग्रीन को 77 दशमलव 6 अंक मिले थे जबकि जेएस एन्वायरो को 94 दशमलव 82 अंक मिले थे। टेंडर में शामिल चंदन सिक्योरिटी ने 68000 रुपये, मेट्रोवेस्ट ने 85599 रुपये और टीपीएस ने 69700 रुपये की दर कोट की थी। टेक्नोलॉजी के उपयोग के मामले में नेचर ग्रीन का बेहद खराब प्रदर्शन रहा है। नेचर ग्रीन विवादित कंपनी है पिछले वर्ष मेयर सुनीता दयाल ने नेचर ग्रीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए टेंडर निरस्त करने की मांग की थी। प्रेसवार्ता के दौरान मेयर ने पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम का संचालन कर रही फर्म मैसर्स रैली इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को संचालन द्वारा भुगतान नहीं किये जाने का मामला उठाया। इसके जवाब में नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि फर्म को अंतिम चेतावनी देने के बाद आरसी जारी कर जिलाधिकारी के माध्यम से बकाया की वसूली कराई जा रही है। मेयर ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव से नगर आयुक्त के कार्य प्रणाली की शिकायत की जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक अवकाश पर हैं। अवकाश से लौटने के बाद नगर आयुक्त का इस मामले में जवाब आने की संभावना है।