- विद्यालय प्रांगण में रंग-बिरंगी सजावट और दीपों की जगमगाहट ने बढ़ाया उत्सव का आकर्षण
- विद्यार्थियों ने दीया, रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई अपनी प्रतिभा
- चेयरमैन विवेक चौधरी ने एकता और सांस्कृतिक समृद्धि पर दिया संदेश
- प्रधानाचार्या रितु चौधरी ने उज्ज्वल भविष्य और सकारात्मकता का महत्व बताया
- शिक्षकों और प्रशिक्षकों के सहयोग से कार्यक्रम बना पूर्णत: सफल और यादगार
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने दीपावली का धार्मिक और सामाजिक संदेश प्रकट किया
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। कैंब्रिज पब्लिक स्कूल, चिपियाना बुजुर्ग में शनिवार को दीपावली महापर्व अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को झालरों, फूलों और दीयों से सजाया गया, जिससे वातावरण उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने दीया सजावट, कैंडल निर्माण, दीवार सजावट, लोटस मेकिंग, लक्ष्मी चरण निर्माण, शुभ-लाभ निर्माण, गेंदे के फूलों से हैंगिंग सजावट और रंगोली प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया। बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली, लक्ष्मी चरण निर्माण और सजावट को चेयरमैन विवेक चौधरी और प्रधानाचार्या रितु चौधरी ने विशेष रूप से सराहा। विवेक चौधरी ने कहा कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि यह एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश भी देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हैं। प्रधानाचार्या रितु चौधरी ने कहा कि दीपावली का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि सकारात्मकता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरणा देने में है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि जब हम अपने जीवन से नकारात्मकता और अज्ञान के अंधकार को दूर करते हैं, तभी सच्ची समृद्धि और सुख प्राप्त होता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों राबिया, सानिया, मनमोहन, ममतेश, प्रीति, वर्षा, वंशिका, संगीता, मानसी, मांडवी, अल्फिया और योग प्रशिक्षिका श्वेता शर्मा का विशेष योगदान रहा।
उनकी मेहनत और मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को न केवल सुचारू बनाया बल्कि विद्यार्थियों में उत्साह और रचनात्मकता का संचार भी किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने गीत, कविता और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दीपावली का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश दिया। रंग-बिरंगे दीप, सजावट और विद्यार्थियों के मुस्कुराते चेहरे पूरे विद्यालय परिसर को जीवंत और दिव्य बना दिया। यह महोत्सव न केवल विद्यालय में बल्कि सभी के हृदयों में उजाला फैलाने वाला अनुभव बन गया।
















