-जनपद ने नम आंखों और तालियों के बीच किया उस अफसर को विदा, जिसने हर चुनौती को अवसर में बदला
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन की फिजाओं में मंगलवार को एक अलग ही भावनात्मक रंग देखने को मिला। अवसर था गाजियाबाद के जिलाधिकारी दीपक मीणा को स्थानांतरण के उपलक्ष्य में दी जा रही विदाई का। यह कोई साधारण विदाई नहीं थी, बल्कि प्रशासन के उस चेहरे को सम्मान देने का अवसर था, जिसने न केवल योजनाओं को जमीन पर उतारा बल्कि जनता के दिल में जगह बनाई।
समारोह में जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मंच पर जब श्री मीणा को स्मृति चिह्न भेंट किया गया, तो सभागार तालियों से गूंज उठा। हर चेहरा उनकी विनम्रता, स्पष्टवादिता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता को याद कर रहा था। उनके कार्यकाल को वक्ताओं ने “जनहित और जवाबदेही के नए मापदंड” बताते हुए सराहा। श्री दीपक मीणा के कार्यकाल को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने शांत, दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व से गाजियाबाद को न केवल बेहतर प्रशासन दिया, बल्कि आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करके विश्वास भी अर्जित किया।
चाहे कांवड़ यात्रा का सफल आयोजन हो या आपदा प्रबंधन के दौरान तेज निर्णय क्षमता, जल संरक्षण की योजनाएं हों या किसानों, व्यापारियों और युवाओं की समस्याएं हर मोर्चे पर उन्होंने प्रशंसनीय कार्य किया। जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाना हो या विकास परियोजनाओं की गति को तेज करना डीएम मीणा ने हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी। उनका प्रशासनिक मॉडल केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। यही कारण है कि वे गाजियाबाद के नागरिकों और अधिकारियों दोनों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान छोड़ते हैं। विदाई समारोह में जब जिलाधिकारी श्री मीणा ने मंच से अपने विचार व्यक्त किए, तो शब्दों में विनम्रता और आंखों में भावनाओं की झलक साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद उनके लिए केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह रहा है।
यहां बिताया हर क्षण उनके लिए सीख और अनुभव से भरा रहा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि यह जनपद हमेशा उनके हृदय में विशेष स्थान बनाए रखेगा। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने समारोह को और गरिमा प्रदान की। हर विभाग से जुड़े अधिकारियों ने श्री मीणा के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन के दौरान माहौल भावुक लेकिन गर्व से भरा रहा गर्व एक ऐसे अफसर पर, जिसने गाजियाबाद को सुशासन की नई दिशा दी। इस गरिमामयी विदाई समारोह में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए वीसी अतुल वत्स, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, डीएफओ ईशा तिवारी, एडीएम (ई) रणविजय सिंह, जीडीए सचिव राजेश सिंह, एडीएम (एल/ए) विवेक मिश्र, एडीएम (सिटी) विकास कश्यप, एडीएम (एफ/आर) सौरभ भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, एसडीएम अरुण दीक्षित व राजेन्द्र, जीएमडीआईसी, श्रीनाथ पासवान, डीपीआरओ प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।
गाजियाबाद मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा, विदाई में भावुक हुए डीएम
समारोह के अंत में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने विदाई संबोधन में गाजियाबाद में बिताए गए समय को स्मरणीय और आत्मीय अनुभवों से भरा बताया। उन्होंने कहा कि यह जनपद मेरे लिए केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि परिवार जैसा रहा है। सहयोगी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सदैव साथ दिया, जिसके कारण कई जटिल चुनौतियों को भी सहजता से पार किया जा सका। गाजियाबाद सदैव मेरे हृदय में रहेगा।
















