-कलेक्ट्रेट सभागार में हुई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक, 15,670 घरों तक सोलर पावर पहुंचाने का लक्ष्य
-बिजली बिलों में राहत नहीं, ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रास्ता है यह योजना: रविन्द्र कुमार मांदड़
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में यूपीनेडा, विद्युत विभाग, बैंक प्रतिनिधियों और 68 पंजीकृत वैन्डर्स ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने इस महत्वाकांक्षी योजना को जनकल्याण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे हर घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा एस.के. सिंह ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जनपद को कुल 15,670 घरेलू सोलर पावर प्लांट्स लगाने का लक्ष्य मिला है। अभी तक पोर्टल व स्कैनर के माध्यम से कुल 8,756 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3,276 संयंत्र लगाए जा चुके हैं और शेष 5,480 आवेदनों पर कार्य प्रगति पर है। इन आवेदनों को संबंधित वैन्डर्स को सौंपा गया है, ताकि शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी मांदड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष आवेदनों पर तेजी से काम हो और आमजन को योजना के लाभों की जानकारी देने के लिए मीडिया, सोशल मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कटौती तक सीमित नहीं, बल्कि यह ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण-शहरी विकास का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत यदि कोई उपभोक्ता अपनी खपत से अधिक बिजली उत्पन्न करता है, तो विद्युत विभाग द्वारा निर्धारित दर पर उस अतिरिक्त बिजली का भुगतान किया जाता है।
बैठक में कुछ वैन्डर्स ने विद्युत विभाग और बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वैन्डर्स से अनावश्यक दस्तावेजों की मांग न की जाए और सभी विभाग योजना की सफलता के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ एक और समन्वय बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी ताकि इस योजना को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, विद्युत विभाग के तीनों मुख्य अभियंता, एसपीओ-नेडा, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं सभी पंजीकृत वैन्डर्स मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी विभाग मिलकर कार्य करें तो गाजियाबाद जनपद प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
बढ़ते बिजली बिलों और कटौती से दिलाएगी निजात: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी प्रयास है जो आम नागरिक को न केवल बिजली संकट से निजात दिलाएगा, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा में भी योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से बिजली बिलों में कमी, नवीन ऊर्जा का उपयोग और उत्पन्न अतिरिक्त बिजली पर मुआवज़ा भुगतान जैसे तीनहरे लाभ मिलते हैं। पीएम सूर्य घर योजना न सिर्फ लाभार्थियों के लिए लाभप्रद है, बल्कि यह पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत यदि कोई उपभोक्ता अपनी खपत से अधिक बिजली उत्पन्न करता है, तो विद्युत विभाग उसे निर्धारित दर पर भुगतान करता है, जिससे यह योजना स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बनती है।
प्रचार-प्रसार होगा तेज, मीडिया और सोशल मीडिया से जोड़ी जाएगी जनता
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष आवेदनों को 68 वैन्डर्स में सुनियोजित रूप से वितरित किया जाए और योजना के प्रचार-प्रसार को वृहद स्तर पर बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, और जनसंपर्क माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जाए ताकि अधिकतम लाभार्थी जुड़ सकें।
बैंकों और विद्युत विभाग की धीमी प्रक्रिया पर चिंता
कुछ वैन्डर्स द्वारा बैंकों व विद्युत विभाग द्वारा अपेक्षित सहयोग न मिलने की शिकायत की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देशित किया कि योजना से संबंधित दस्तावेजों की ही जांच हो, वैन्डर्स से अनावश्यक अभिलेख न मांगे जाएं और बिजली विभाग योजना को 100 प्रतिशत सफलता दिलाने में पूर्ण सहयोग करे।

















