कौशांबी में विकास को मिली नई रफ्तार: पार्षद कुसुम गोयल की निधि से रंगाई-पुताई कार्य का शुभारंभ

-समाजसेविकाओं ने नारियल फोड़कर की शुरुआत, नागरिकों ने जताया उत्साह

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कौशांबी के शिवालिक कैलाश, त्रिशूल, कमदगिरि टावर के सामने स्थित दीवार पर क्षेत्रीय पार्षद कुसुम गोयल द्वारा मंगलवार को प्लास्टर एवं रंगाई-पुताई कार्य का शुभारंभ कराया गया। यह कार्य पार्षद निधि से कराया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की सौंदर्यता और साफ-सफाई को और अधिक सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेविका उषा अग्रवाल एवं लता सिंगल द्वारा पारंपरिक रूप से नारियल फोड़कर किया गया। पार्षद कुसुम गोयल ने मौके पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों एवं गणमान्य व्यक्तियों का माला पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर पार्षद कुसुम गोयल ने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे जि़म्मेदारी सौंपी है, मैं उस पर पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही हूँ। क्षेत्र की हर जरूरत, हर कोना मेरी प्राथमिकता में है। यह कार्य सौंदर्यीकरण की दिशा में एक छोटा लेकिन ठोस कदम है, आगे भी विकास कार्य इसी प्रकार चलते रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने बताया कि कौशांबी में विकास कार्य निरंतर जारी हैं और इस पहल के लिए उन्होंने महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त श्री विक्रमादित्य मलिक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र में हो रहे लगातार विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण से न केवल पर्यावरण बेहतर होगा बल्कि नागरिकों में सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी लक्ष्मीकांत चानना, जगमोहन शर्मा, भाजपा नेता अवधेश कटिहार, मुकुल गुप्ता, आर.के. धर, जयप्रकाश झा, धीरज जैन, ललित गुप्ता, उषा गुप्ता, रमा शर्मा, गीता खन्ना, सुधामनी सिंह, अटल पांडे, सुशीला धर, राजेश मेहरोत्रा, संदीप आनंद, ज्योति जैन, अर्चना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी ने इस कार्य को समय पर शुरू कराने के लिए पार्षद का धन्यवाद ज्ञापित किया। पार्षद कुसुम गोयल द्वारा किए जा रहे जनहित कार्य इस बात के साक्षी हैं कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति और जन सहभागिता मिलती है, तो क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। प्लास्टर व रंगाई-पुताई जैसे कार्य भले छोटे दिखें, लेकिन इनसे नागरिकों का जीवन स्तर और क्षेत्र की छवि दोनों सुधरते हैं।