काम में ढिलाई पर डीएम रविन्द्र कुमार मॉंदड़ का सख्त संदेश, ‘सी-डी रैंक’ वाले विभागों पर गिरेगी गाज

-कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की प्रगति पर उठे सवाल
-अवैध कब्जे हटाने, मिशन शक्ति और स्वामित्व योजना की स्थिति का लिया गया जायजा
-जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों को दी कार्यशैली सुधारने की चेतावनी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व) तथा राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका में सी और डी रैंक प्राप्त करने वाले विभागों के अधिकारियों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष या जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता, लापरवाही या कोताही बरती जाती है और उसके कारण विभाग को सी या डी रैंक प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शासन से प्राप्त सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। साथ ही विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, जिससे कार्यों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग से संबंधित समीक्षा बैठक में कर एवं करेत्तर राजस्व, दैवीय आपदा प्रबंधन, मॉक ड्रिल कार्य योजना, एंटी भू-माफिया अभियान की प्रगति, शासकीय संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने की स्थिति तथा मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं के पक्ष में स्वीकृत पट्टों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन, ऑनलाइन खसरा के कंप्यूटरीकरण की प्रगति, शिकायत निवारण, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों, निरीक्षण कार्यों तथा कार्यालयों की भौतिक स्थिति का भी जायजा लिया गया। बैठक में जनहित से जुड़े मुद्दों, ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्यप्रणाली, प्रवर्तन कार्यों की स्थिति, खनन से संबंधित गतिविधियों तथा टास्क फोर्स के कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के न्यायिक कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।