-योग और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संगम से तनाव मुक्त जीवन की राह, सामूहिक ध्यान सत्र और प्रश्नोत्तर से मिले व्यावहारिक समाधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी में शुक्रवार को एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित योगाचार्य और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ डॉ. एच.आर. नागेंद्र, जिन्हें पद्मश्री और योगश्री से सम्मानित किया जा चुका है, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से डॉ. नागेंद्र का गरिमामय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में डॉक्टरों, चिकित्सा छात्रों, अस्पताल स्टाफ और कई गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. नागेंद्र ने अपने व्याख्यान में कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में तनाव और मानसिक असंतुलन हर वर्ग के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने समझाया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि प्रतिदिन कुछ समय प्राणायाम, ध्यान और सकारात्मक चिंतन के लिए निकाला जाए, तो व्यक्ति मानसिक रूप से सशक्त होने के साथ जीवन में शांति और संतुलन भी प्राप्त कर सकता है।
यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सीय मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ मन ही स्वस्थ शरीर की कुंजी है और यदि व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत होगा तो शारीरिक रोगों से मुकाबला करने की क्षमता स्वत: बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि यशोदा मेडिसिटी पारंपरिक योग पद्धतियों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से समग्र स्वास्थ्य की दिशा में निरंतर कार्यरत है और भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर और अधिक सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
संवाद, प्रश्नोत्तर और सामूहिक ध्यान सत्र
सत्र के दौरान उपस्थित लोगों ने डॉ. नागेंद्र से कार्यस्थल पर तनाव, पारिवारिक संबंधों में संतुलन, किशोरों के मानसिक दबाव जैसी चुनौतियों पर सवाल पूछे। डॉ. नागेंद्र ने सरल योगाभ्यास और व्यावहारिक उपायों के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान सुझाया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक ध्यान सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें कुछ क्षणों की गहन शांति का अनुभव हुआ।
यशोदा मेडिसिटी: योग और चिकित्सा का समन्वय
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यशोदा मेडिसिटी नियमित रूप से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, योग कार्यशालाओं और काउंसलिंग सत्रों का आयोजन करती रहती है। इसका उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर झिझक और गलतफहमी को दूर करना है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण थे विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष योग सत्र, पद्मश्री डॉ. एच.आर. नागेंद्र का प्रेरक व्याख्यान, डॉ. पी.एन. अरोड़ा का संदेश कि योग और चिकित्सा का संगम ही पूर्ण स्वास्थ्य का मार्ग है, और सामूहिक ध्यान सत्र से कार्यक्रम का समापन।

















