आगरा अर्बन सेंटर का ड्राफ्ट मास्टर प्लान प्रस्तुत, तीन फेज में होगा विकास

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित आगरा अर्बन सेंटर के ड्राफ्ट मास्टर प्लान को लेकर गुरुवार को आगरा में लघु सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में यीडा के सीईओ आरके सिंह ने 14,480 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले आगरा अर्बन सेंटर का प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का विकास तीन चरणों में किया जाएगा, जिसमें गैर-प्रदूषणकारी उद्योग, पर्यटन, हॉस्पिटेलिटी और आईटी सेक्टर पर विशेष फोकस रहेगा। इससे लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मास्टर प्लान के तहत करीब 1,878 हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जहां 12 से 15 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर स्तर पर एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास शामिल किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक विकास किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 405 हेक्टेयर में दो जोन विकसित किए जाएंगे, जिनमें लक्जरी और बजट होटल, रिसॉर्ट, एग्जीबिशन व ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर शामिल होंगे। साथ ही गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क की भी योजना है। हरित विकास के लिए सिटी लेवल पर दो और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर चार बड़े पार्क बनाए जाएंगे। 256 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क प्रस्तावित है। सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए 7 एसटीपी बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 335 एमएलडी होगी।

पानी की कुल आवश्यकता 375 एमएलडी आंकी गई है, जिस पर मंडलायुक्त ने वैकल्पिक और सुदृढ़ व्यवस्था पर पुनर्विचार की जरूरत बताई। ताज ट्रेपेजियम जोन को ध्यान में रखते हुए केवल 20 से कम प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। ड्राफ्ट मास्टर प्लान के फाइनल होने के बाद इसे सार्वजनिक कर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। बैठक में मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, यीडा एसीईओ नागेन्द्र प्रताप सिंह, एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया, जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खण्डेलवाल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मौझी, मैट्रो प्रोजेक्ट निदेशक अरविंद राय, रोडवेज मैनेजर बीएल अग्रवाल, आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार, आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।