-एक लाख दस हजार से अधिक आवेदकों के बीच पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ चयन, सफल आवंटियों में दिखा उत्साह
-इंडिया एक्सपो मार्ट में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निकला ड्रा, प्रत्येक चरण की हुई वीडियोग्राफी
-नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में प्लॉट मिलने से निवेशकों और गृह खरीदारों को मिली बड़ी सौगात
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का सपना देख रहे हजारों लोगों के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास साबित हुआ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बहुप्रतीक्षित आवासीय भूखंड योजना का ड्रा इंडिया एक्सपो मार्ट में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुआ। ड्रा में 973 आवासीय भूखंडों के सफल आवंटियों के नाम घोषित किए गए। जैसे ही चयनित आवेदकों के नाम सामने आए, कार्यक्रम स्थल पर खुशी और उत्साह का माहौल छा गया। कई परिवारों के वर्षों पुराने अपने घर के सपने को नई उड़ान मिल गई।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण के साथ इस क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। यही वजह रही कि यीडा की इस आवासीय योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। योजना के तहत उपलब्ध 973 भूखंडों के लिए देशभर से 1,10,203 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन संख्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास का क्षेत्र निवेश और आवास दोनों के लिए लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। हालांकि प्रारंभिक जांच के दौरान नियमों के विपरीत पाए गए 169 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसके बाद 1,10,034 पात्र आवेदकों के बीच ड्रा प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों ने एक ही बैंक खाते या निर्धारित नियमों के विपरीत एक से अधिक आवेदन किए थे, जिसके कारण उनके आवेदन अमान्य घोषित किए गए। ड्रा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। संपूर्ण प्रक्रिया सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति की निगरानी में कराई गई। साथ ही प्रत्येक चरण की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो और पूरी प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास कायम रहे। आवंटन की प्रक्रिया विभिन्न आकार के भूखंडों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से संपन्न हुई। सबसे पहले 162 वर्गमीटर के 476 भूखंडों के लिए 48,920 आवेदकों के बीच ड्रा निकाला गया। इसके बाद 183 वर्गमीटर के चार भूखंडों के लिए 566, 184 वर्गमीटर के चार भूखंडों के लिए 539, 200 वर्गमीटर के 481 भूखंडों के लिए 57,620, 223 वर्गमीटर के छह भूखंडों के लिए 1,528 तथा 290 वर्गमीटर के दो भूखंडों के लिए 861 पात्र आवेदकों के बीच चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
ड्रा के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक स्वयं भी मौजूद रहे। जैसे-जैसे सफल आवंटियों के नाम घोषित होते गए, चयनित परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने इसे जीवन का सबसे यादगार पल बताते हुए कहा कि वर्षों से अपने घर का सपना देख रहे थे, जो अब साकार होने जा रहा है। वहीं जिन आवेदकों का नाम ड्रा में नहीं आया, उन्होंने भविष्य में आने वाली योजनाओं में फिर से आवेदन करने की उम्मीद जताई। यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि पूरी ड्रा प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप कराई गई है। निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चरण की रिकॉर्डिंग कराई गई है और किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति की स्थिति में पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस क्षेत्र में आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेज़ी आएगी।
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहा यह इलाका आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक शहरी केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे में यहां भूखंड प्राप्त करने वाले लोगों को भविष्य में बेहतर आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ निवेश का भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, औद्योगिक परियोजनाओं, लॉजिस्टिक हब और बेहतर सड़क संपर्क जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के कारण यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे में यीडा की यह आवासीय योजना न केवल लोगों के अपने घर के सपने को पूरा करने का माध्यम बनी है, बल्कि इस क्षेत्र के सुनहरे भविष्य पर लोगों के बढ़ते भरोसे की भी बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।
















