आर्थिक गति को तेज करने पर जोर: बैंकों को साख-जमा अनुपात बढ़ाने के सख्त निर्देश

-लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण करें बैंक, विकास योजनाओं में निभाएं सक्रिय भूमिका: अभिनव अग्रवाल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने तथा विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने जिले के सभी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने साख-जमा अनुपात में वृद्धि करें और लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैंक यदि समय पर ऋण उपलब्ध कराएंगे तो इससे न केवल उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले के समग्र विकास को भी नई दिशा मिलेगी। मंगलवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति एवं बैंकिंग समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ अभिनव गोपाल ने जनपद के सभी बैंकों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की और विकास योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने पर विशेष बल दिया। बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, भारतीय रिजर्व बैंक की एलडीओ प्रतिभा इंदोरिया, नाबार्ड की डीडीएम कुमारी अलका, उप निदेशक उद्योग श्रीनाथ पासवान, अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम सहित विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक और जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम ने सितंबर तिमाही 2025 तक की बैंकिंग उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए सभी बैंकों की प्रगति की क्रमवार जानकारी दी। सीडीओ अभिनव गोपाल ने बैठक में कहा कि जनपद के आर्थिक विकास के लिए बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से उन बैंकों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा जिनका साख-जमा अनुपात 60 प्रतिशत से कम है। ऐसे बैंकों को आगामी तिमाही के लिए बैंकवार रणनीति तैयार कर अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल जमा एकत्र करने तक सीमित न रहें, बल्कि ऋण वितरण को भी प्राथमिकता दें ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार, उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।

सीडीओ ने यह भी निर्देश दिए कि बैंकों में लंबित पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से रोका न जाए और सभी मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर ऋण न मिलने से विकास की गति बाधित होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पोटेंशियल लिंक्ड प्लान का शुभारंभ भी किया गया। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, कृषि आधारित गतिविधियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, ग्रामीण अवसंरचना और अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण संभावनाओं का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीडीओ अभिनव गोपाल ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप बैंक और प्रशासन मिलकर कार्य करें, ताकि जनपद गाजियाबाद आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।