बारिश से पहले वाटर हार्वेस्टिंग की सफाई पर जोर, पार्षद की पहल के बाद निगम ने शुरू कराया अभियान

-वैशाली और कौशांबी के 10 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई का कार्य शुरू, भूजल संरक्षण को मिलेगी मजबूती
-पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने जलकल महाप्रबंधक को लिखा था पत्र, समय रहते रखरखाव की उठाई थी मांग

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वर्षा जल संरक्षण को प्रभावी बनाने की दिशा में वार्ड-72 की पार्षद कुसुम मनोज गोयल की पहल रंग लाती नजर आ रही है। पार्षद द्वारा नगर निगम के जलकल विभाग के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर वैशाली और कौशांबी क्षेत्र में स्थापित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की समय रहते सफाई कराने की मांग की गई थी। इसके बाद शनिवार को नगर निगम ने संबंधित वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की सफाई का कार्य शुरू करा दिया है। पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने बताया कि नगर निगम की ओर से यह कार्य बारिश शुरू होने के बाद प्रारंभ कराया गया है, जबकि यदि इसकी सफाई मानसून आने से पहले कर दी जाती तो इसका लाभ और अधिक प्रभावी रूप से मिल सकता था। उन्होंने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य वर्षा के पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर को बढ़ाना है।

यदि संरचनाएं पहले से साफ और सुचारु अवस्था में रहें तो अधिक मात्रा में वर्षा जल का संचयन संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वैशाली और कौशांबी क्षेत्र में कुल 10 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं, जिनकी सफाई का कार्य वर्तमान में चल रहा है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाता है, जो भविष्य में जल संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

पार्षद ने उम्मीद जताई कि नगर निगम भविष्य में इस प्रकार के रखरखाव कार्य मानसून शुरू होने से पहले ही पूरा कराने की व्यवस्था करेगा, ताकि वर्षा जल संरक्षण की योजना का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने इस कार्य को शुरू कराने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का समन्वित प्रयास ही स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।