रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर, नॉर्दर्न रेलवे के जीएम शोभन चौधरी ने अमृत स्टेशनों और पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने बड़ौदा हाउस में आयोजित बैठक में प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडल रेल प्रबंधकों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक में संरक्षा प्रोटोकॉल बढ़ाने और कर्मचारियों एवं यात्रियों दोनों की संरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने सुरक्षा के प्रति उत्तर रेलवे की दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और निरंतर समीक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

विजय मिश्रा (उदय भूमि)
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, ट्रेनों के सुचारू संचालन, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुखद एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके मद्देनजर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने बड़ौदा हाउस में आयोजित बैठक में प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडल रेल प्रबंधकों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक में संरक्षा प्रोटोकॉल बढ़ाने और कर्मचारियों एवं यात्रियों दोनों की संरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने सुरक्षा के प्रति उत्तर रेलवे की दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और निरंतर समीक्षा के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने मौजूदा सुरक्षा प्रक्रियाओं, संभावित जोखिमों तथा सुरक्षा जागरूकता की संस्कृति को प्रोत्साहन देने पर बल दिया। महाप्रबंधक चौधरी ने यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी और रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए अमृत भारत योजना के तहत अमृत स्टेशनों की प्रगति और स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का आकलन करने के लिए व्यापक समीक्षा की।

उन्होंने मातहतों को स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य की प्रगति की निगरानी करने और समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि के भीतर परियोजनाओं का सफलतापूर्वक निर्माण सुनिश्चित करने के लिए समय पर निष्पादन और गुणवत्ता आवश्यक है। महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने क्रू-चेंजिंग सभी प्वाइंट पर क्रू-चेंज के कारण रेलगाड़ियों के रुके रहने के मामलों का जायजा लिया। तदुपरांत मंडलों को निर्देश दिए कि क्रू-चेंजिंग न्यूनतम संभावित समय में पूरा की जाए ताकि इस कारण रेलगाड़ियों के संचालन में होने वाले विलंब को रोका जा सके। उन्होंने विभागाध्यक्षों और मंडल रेल प्रबंधकों को समयपालनबद्धता बनाए रखने और संरक्षा को प्राथमिकता देकर मालभाड़ा लदान की रफ्तार बढ़ाने के भी निर्देश दिए।