-संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने और वीडियो भेजने का आरोप, नाबालिग की भूमिका भी आई सामने
-पाकिस्तानी नंबर पर भेजे जा रहे थे फोटो-वीडियो, व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलता था नेटवर्क
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र में जासूसी और संवेदनशील स्थानों पर अवैध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में कौशांबी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक नाबालिग सहित तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ताजा गिरफ्तारी के साथ ही इस जासूसी नेटवर्क में अब तक कुल 18 लोगों को पकड़ा जा चुका है, जिससे मामले की गंभीरता और व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपितों में मथुरा निवासी मीरा ठाकुर, मुख्य आरोपी नौशाद और एक नाबालिग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग की इस नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका थी और वह वीडियो बनाने के काम में सक्रिय रूप से शामिल था। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सभी आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क संवेदनशील स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रिकॉर्ड कर बाहर भेजने का काम कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि इन गतिविधियों के पीछे संगठित साजिश हो सकती है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर वहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड करते थे और बाद में इन वीडियो और फोटो को पाकिस्तानी नंबरों पर भेजा जाता था। इससे पहले कौशांबी पुलिस ने भोवापुर क्षेत्र से ऐसे ही कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तानी नंबरों पर जानकारी साझा कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, रविवार को गिरफ्तार की गई महिला मीरा ठाकुर खुद को मुंबई पुलिस का मुखबिर बताकर लोगों को भ्रमित करती थी। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तानी व्यक्ति सरदार उर्फ सरफराज द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से शुरुआत से जुड़ी हुई थी और नेटवर्क के अन्य प्रमुख सदस्यों के संपर्क में भी थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मीरा ठाकुर का संपर्क इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो और साने इरम उर्फ महक से था।
पुलिस इन कडिय़ों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है, ताकि इस साजिश के पीछे के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी और जगहों की जानकारी साझा की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि इसमें देश की सुरक्षा से जुड़े पहलू सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी कीमत पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
















