गाजियाबाद में हर घर होगा सौर ऊर्जा से रोशन: जिलापूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना का जन जागरूकता अभियान”

– राशन डीलरों और पेट्रोल पंपों से योजना का लाभ सीधे जनता तक
– सोलर पैनल इंस्टालेशन और सब्सिडी सुविधा से बिजली बिल में भारी बचत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को व्यापक जनसहभागिता के साथ लागू करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने अलर्ट मोड शुरू कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य न केवल परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना, बल्कि उनके बिजली बिल में कमी लाना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत नागरिक अपने घरों में 1 से 3 किलोवाट तक रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर हर महीने 100 से 360 यूनिट तक बिजली उत्पादन कर सकते हैं। जिलापूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने अपने कार्यालय में मंगलवार को जिले के सभी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के करीब 554 राशन डीलरों से खुद भी योजना के लिए आवेदन कराए और उनके माध्यम से राशन कार्ड धारकों को भी जागरूक किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिले के 122 पेट्रोल पंप संचालकों और गैस एजेंसियों को भी इस योजना के तहत आवेदन करने के निर्देश दिए गए है। अमित तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना उपभोक्ताओं को न केवल बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बनने का अवसर देती है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार का भी एक सशक्त माध्यम है।

हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएं और अपने बिजली बिल में वास्तविक बचत अनुभव करें। अमित तिवारी की कार्यशैली को इस अभियान में पूरी तरह देखा जा सकता है। उन्होंने न केवल विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य दिए, बल्कि व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक क्षेत्र के राशन डीलर, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी संचालकों से संपर्क कर उन्हें योजना में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आवेदन कराने के साथ-साथ वेंडरों की सूची मुख्यालय में जमा कराएं, ताकि योजना की निगरानी और निष्पादन प्रभावी रूप से हो सके। तिवारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आवेदनकर्ताओं को विशेष सब्सिडी दी जाती है। 1 किलोवाट सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार 30,000 रुपये और राज्य सरकार 15,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट सोलर प्लांट पर क्रमश: 60,000 और 30,000 रुपये, जबकि 3 किलोवाट सोलर प्लांट पर 78,000 और 30,000 रुपये की सहायता मिलती है। इसके साथ ही, बैंक की तरफ से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों तक आसान किस्तों में ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बचत और अतिरिक्त आय के अवसर
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे न केवल बिजली बिल में भारी बचत होगी, बल्कि उत्पादन की गई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर नागरिक अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं। जिलापूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने इस पहल के तहत सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और समय पर इंस्टालेशन पर निगरानी रखें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और लोग योजना का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। बैठक में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विनोद भारती, स्वेज पंवार, हेमलता, दीपा वर्मा, शैलेश कुमार सिंह, विशाल यादव, स्वरूप त्रिपाठी, प्रिया तिवारी, सत्यप्रकाश मालवीय, प्रियंका राय, नूर फातिमा और दिव्या जिंदल भी उपस्थित रहे। उन्होंने जिलापूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की कार्यशैली की सराहना की और सभी ने मिलकर सुनिश्चित किया कि पीएम सूर्य घर योजना जिले के हर योग्य नागरिक तक पहुंचे।

राशन डीलर और पेट्रोल पंप संचालकों को योजना के केंद्र में रखा
खाद्य विभाग ने योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए राशन डीलरों और पेट्रोल पंप संचालकों को मुख्य माध्यम बनाया है। जिलापूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन माध्यमों के जरिए जनता को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में पूरी जानकारी दें। इसके अलावा, नागरिकों को मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट और मोर बिजली ऐप के जरिए भी आवेदन करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सक्रिय अभियान के चलते जिले में अब तक 76 रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और सोलर पैनल की इंस्टालेशन भी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान न केवल योजना के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि जिले में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण कदम है।