सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल परिसर में हर पौधा, हर सांस – बच्चों ने बोया हरे कल का बीज

-सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल परिसर में 100 से अधिक पौधों का रोपण, बच्चों ने लिया प्रकृति को बचाने का संकल्प
-रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद स्मार्ट सिटी और इंटरेक्ट क्लब ने मिलकर किया आयोजन, रंगारंग प्रस्तुतियों से बढ़ी शोभा
-वृक्षारोपण ‘ग्रीन फ्यूचर’ की दिशा में सामाजिक संकल्प: डॉ. सुभाष जैन
-विद्यालय परिसर गूंजा गीत, नृत्य और प्रकृति प्रेम के नारों से, पौधारोपण बना पर्व

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। एक ऐसा दृश्य जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं पौधों को नमन कर रहे थे, शिक्षक उन्हें मिट्टी थमा रहे थे, और रोटरी क्लब के पदाधिकारी हर पौधे में भविष्य की हरियाली देख रहे थे गाजियाबाद में ऐसा ही अद्भुत नजारा सिल्वर लाइन प्रेस्टिज स्कूल में आयोजित संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला। रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद स्मार्ट सिटी और इंटरेक्ट क्लब ऑफ सिल्वर लाइन प्रेस्टिज स्कूल द्वारा बुधवार को आयोजित इस विशाल कार्यक्रम ने पर्यावरण चेतना की एक सशक्त आवाज बुलंद की। कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण से नहीं, बल्कि संवेदना के संवाद से हुई। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाट्य, नृत्य और गीत प्रस्तुत किए जो केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संदेश का माध्यम बने। प्रेसिडेंट भारती गर्ग और सेक्रेटरी प्रवीण गोयल ने नवनियुक्त इंटरेक्ट बोर्ड सदस्यों को इंटरेक्ट पिन पहनाकर उन्हें सेवा और नेतृत्व की शपथ दिलाई।

इसके बाद जैसे ही छात्रों के हाथों में पौधे और उनके मन में सेवा का भाव आया पूरा परिसर हरियाली और उत्साह से सराबोर हो गया। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन एवं रोटरी के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डा. सुभाष जैन ने कहा कि आज जब हम इन छोटे-छोटे पौधों को धरती की गोद में सौंप रहे हैं, तो हम केवल हरियाली नहीं उगा रहे, हम भविष्य की सांसें बो रहे हैं। वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय क्रिया नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक और आध्यात्मिक कर्तव्य है। हर बच्चा जब एक पौधा लगाता है, तो उसमें जीवन के प्रति संवेदना, जि़म्मेदारी और जुड़ाव की भावना पैदा होती है। यही वह संस्कार है जो आज के शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों में रोपने चाहिए। पेड़ लगाना हमें सिखाता है कि कैसे बिना कुछ मांगे देना चाहिए छांव, फल, हवा, और जीवन। मुझे गर्व है कि सिल्वरलाइन स्कूल ने इस विचार को अपनाया और बच्चों ने इस कार्यक्रम को आत्मा से जिया। रोटरी का उद्देश्य ही सेवा के माध्यम से समाज निर्माण है, और यह आयोजन उसी उद्देश्य का सुंदर प्रतीक है।

रोटरी क्लब प्रेसिडेंट भारती गर्ग ने कहा कि हमें पेड़ नहीं, पेड़ लगाने की आदत विकसित करनी है। जब तक हर बच्चा यह नहीं सीखेगा कि उसका एक पौधा पृथ्वी को सांस दे सकता है, तब तक पर्यावरण चेतना अधूरी है। आज का यह आयोजन केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, यह एक हरित विचारधारा की नींव है। मुझे गर्व है कि हमारी युवा पीढ़ी इस नेक काम में भागीदारी कर रही है। हमने 100 पौधे लगाए हैं, लेकिन असल में 100 वचन दिए हैं धरती को हरा-भरा रखने के, ग्लोबल वॉर्मिंग को मात देने के, और भावी पीढिय़ों को सुरक्षित भविष्य देने के। रोटरी का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। हम स्कूलों, कॉलोनियों और शहर के हर कोने तक जाकर यही संदेश पहुंचाएंगे ‘हर घर एक पौधा, हर दिल में प्रकृति का प्यार। हमें आने वाली पीढिय़ों को पेड़ नहीं, पेड़ लगाने की आदत देनी होगी। यही रोटरी का उद्देश्य है सेवा के माध्यम से चेतना का विस्तार करना।

यह अभियान केवल शुरुआत है, आगे और भी कई विद्यालयों और कॉलोनियों में हम वृक्षारोपण करेंगे। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर गुलमोहर, अशोक, अमलतास, अर्जुन, नीम जैसे पौधे लगाए जो आने वाले वर्षों में न केवल छांव देंगे बल्कि ऑक्सीजन भी देंगे। स्कूल परिसर इन हरियाले प्रतीकों से भर उठा। इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब के कई वरिष्ठ सदस्य आशीष गर्ग, सीमा गोयल, दीपक कुमार अग्रवाल, योगेश गोयल, डॉ. राकेश छारिया, डॉ. अरुणा सिंघल, साक्षी जिन्दल शर्मा, विकास शर्मा, अधीर गर्ग, तथा स्कूल के वाइस चेयरमैन नमन जैन, डायरेक्टर प्रणव जैन, प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी, शिक्षकगण, इंटरेक्टर्स एवं अनेक विद्यार्थीगण सम्मिलित हुए। यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी का उदाहरण बना, बल्कि शिक्षा और सेवा के समन्वय की एक नई परिभाषा भी रचा। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि विद्यालय केवल ज्ञान का केन्द्र नहीं बल्कि चरित्र और चेतना के निर्माण स्थल भी हैं। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम ने साबित किया कि जब संगठन, शिक्षा संस्थान और छात्र एकजुट हों, तो प्रकृति के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हरियाली का यह प्रण अब केवल गाजियाबाद की नहीं, बल्कि पूरे समाज की आवाज बन चुका है।