नशे के सौदागरों पर कहर बनकर टूटेगा प्रशासन!

एडीएम सिटी विकास कश्यप की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की अहम बैठक
-मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक एक्शन की रणनीति तय
-ड्रग माफियाओं को नहीं मिलेगी कोई ढील: एडीएम सिटी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में बुधवार को नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एडीएम सिटी विकास कश्यप ने की। उन्होंने कहा कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और वितरण के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अब सभी विभागों को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। श्री कश्यप ने निर्देशित किया कि नशा रोकथाम के लिए इंटेलिजेंस सिस्टम को मजबूत किया जाए और जनपद की अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन अब एक प्राथमिक विषय है, इसे अभियान के रूप में चलाया जाएगा। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उन्होंने जीआरपी, आरटीओ, परिवहन विभाग व यातायात पुलिस को रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा।

साथ ही निर्देशित किया गया कि नशा बेचने वालों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ढील न दी जाए। बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की जाए। जहां बिना लाइसेंस के नारकोटिक दवाएं बेची जा रही हों, वहां तत्काल विधिक कार्रवाई की जाए। एडीएम सिटी ने यातायात विभाग को पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक किए बिना इस जंग को नहीं जीता जा सकता। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, नारकोटिक्स सेल, समाज कल्याण, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, वन विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर सतत निरीक्षण, रिपोर्टिंग व कार्रवाई सुनिश्चित करें।