गाजियाबाद के जिमों में अब नहीं चलेगी फर्जी पहचान, पुलिस सत्यापन और सीसीटीवी के बिना कार्रवाई तय

-सुरक्षित फिटनेस वातावरण बनाना हमारी प्राथमिकता, लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: विकास कश्यप
-महिलाओं की सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा फैसला, जिम संचालकों के लिए जारी हुए सख्त नियम
-फिटनेस सेंटरों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर, सात दिन में पूरे करने होंगे सुरक्षा मानक
-जिम ट्रेनरों की हर जानकारी होगी दर्ज, पहचान छिपाकर काम करने वालों पर लगेगी रोक
-सुरक्षित जिम, जवाबदेह संचालक और पारदर्शी व्यवस्था; गाजियाबाद में लागू हुआ नया सुरक्षा मॉडल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में संचालित जिम और फिटनेस सेंटरों की गतिविधियों पर अब जिला प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। आमजन, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जिम संचालकों के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत सभी प्रशिक्षकों और कोचों का पुलिस सत्यापन, पहचान पत्र तथा जिमों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप ने जिले के सभी जिम एवं फिटनेस सेंटर संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उनके यहां कार्यरत प्रत्येक प्रशिक्षक, चाहे वह महिला हो या पुरुष, का पुलिस सत्यापन कराना आवश्यक होगा। बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को प्रशिक्षक या कोच के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे जिमों में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। निर्देशों के अनुसार सभी प्रशिक्षकों को फोटोयुक्त पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। पहचान पत्र में प्रशिक्षक का वास्तविक नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होंगे। यह पहचान पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित होने के बाद ही मान्य माना जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान छिपाकर जिमों में कार्य करने की संभावना समाप्त हो सके।

महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सभी जिमों और फिटनेस सेंटरों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और शिकायत निवारण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जिम परिसर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करनी होगी, ताकि आवश्यकता पडऩे पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। प्रशासन ने उन जिम और फिटनेस सेंटर संचालकों को भी चेतावनी दी है, जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे संचालकों को तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप ने स्पष्ट किया है कि सभी व्यवस्थाएं सात दिनों के भीतर पूर्ण कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी जिम या फिटनेस सेंटर में पुलिस सत्यापन, पहचान पत्र, सीसीटीवी व्यवस्था अथवा अन्य निर्धारित मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले में सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह फिटनेस वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण प्रयास है।