-मेरठ रोड से मोहन नगर तक हॉटस्पॉट का किया निरीक्षण, जलभराव रोकने के लिए जलकल और स्वास्थ्य विभाग को दिए सख्त निर्देश
-55 स्थायी और 25 अतिरिक्त सक्शन पंप लगातार कर रहे जल निकासी, दिन-रात मुस्तैद हैं नगर निगम की टीमें
-मुख्य मार्गों के साथ आंतरिक गलियों में भी नहीं होने दिया जाएगा जलभराव, नालियों और सीवर सफाई अभियान तेज करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नगर निगम का जलकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से दिन-रात अभियान चलाकर सड़कों, चौराहों और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों से बारिश का पानी निकालने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने मौके पर तैनात टीमों से जल निकासी व्यवस्था, पंप सेटों की कार्यप्रणाली, नालों की सफाई और सीवर लाइन की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में नगर निगम की प्राथमिकता नागरिकों को जलभराव से राहत दिलाना है और इसके लिए सभी विभागों को पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
नगर निगम द्वारा शहर के जलभराव वाले हॉटस्पॉट पर 55 स्थायी सक्शन पंप सेट लगाए गए हैं, जो लगातार जल निकासी का कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आवश्यकता के अनुसार 25 अतिरिक्त सक्शन पंप सेट भी विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हैं, जिससे कुल 80 सक्शन पंप लगातार सक्रिय रहकर बारिश के पानी की निकासी सुनिश्चित कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी इन सभी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्थान पर जलभराव की स्थिति बनने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान मेरठ रोड, नंदग्राम, लोहिया नगर, शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन, पटेल नगर, आरडीसी राजनगर, हापुड़ चुंगी, अर्थला तथा मोहन नगर चौराहे सहित कई प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर सक्शन पंपों के माध्यम से प्रभावी ढंग से जल निकासी का कार्य होता मिला। साथ ही नालों की सफाई, पुलियाओं की सफाई और जल निकासी मार्गों की स्थिति का भी गहन निरीक्षण किया गया।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान केवल मुख्य सड़कों तक सीमित न रहकर कॉलोनियों और आंतरिक गलियों में भी विशेष निगरानी रखी जाए। जहां कहीं भी पानी जमा होने की संभावना हो, वहां पहले से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने जलकल और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों को नालियों की नियमित सफाई, सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग तथा जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्रत्येक हॉटस्पॉट पर तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाए।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव रोकना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभागीय टीमें दिन और रात दोनों समय पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जाए तथा भारी वर्षा की स्थिति में अतिरिक्त संसाधनों और मशीनों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाए। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर को जलभराव मुक्त रखने के लिए जलकल एवं स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग, सक्शन पंपों की तैनाती, नालों और सीवरों की समयबद्ध सफाई तथा अधिकारियों की सतत निगरानी के माध्यम से इस मानसून में नागरिकों को अधिकतम राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और जनजीवन सामान्य बना रहे।















