-अग्निशमन विभाग की सख्त निगरानी, सोसायटी-मॉल-अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था परखी गई
-सीएफओ राहुल पाल के नेतृत्व में चला जनसुरक्षा अभियान, लोगों को दिया फायर सेफ्टी प्रशिक्षण
-कमियों पर नोटिस जारी, इमरजेंसी में सुरक्षित निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कमिश्नरेट गाजियाबाद में एक मई से शुरू हुए विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत रविवार को जिलेभर के हाईराइज भवनों, आवासीय सोसायटियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण परिसरों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान ने जनसुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। अग्निशमन विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की, बल्कि लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए। अभियान के अंतर्गत इंदिरापुरम स्थित कृष्णा अपरा गार्डन, कृष्णा अपरा सफायर सोसाइटी, रेगलिया हाइट्स, शिप्रा सनसिटी, अपेक्स सोसायटी, अनुकम्पा ग्रीन, एंजेल जुपीटर समिति सहित कई प्रमुख आवासीय परिसरों में मॉक ड्रिल कराई गई। इसके अलावा मोदीनगर के विशाल मेगा मार्ट, कानन ग्रीन सोसाइटी और लोकप्रिय हॉस्पिटल में भी सुरक्षा अभ्यास किया गया।
राजनगर एक्सटेंशन की फॉर्चून सोसायटी और यूनिनव हाइट्स, टीलामोड़ स्थित भारत सिटी फेस-1 तथा ट्रोनिका सिटी लोनी के द एलन कोर्ट परिसर में भी अग्निशमन टीमों ने सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया। मॉक ड्रिल के दौरान फायर टेंडर्स के साथ पहुंची टीमों ने भवनों के निकास मार्गों का निरीक्षण किया, फायर फाइटिंग सिस्टम की कार्यशीलता जांची और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी प्रक्रिया का अभ्यास कराया। बड़ी संख्या में उपस्थित निवासियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग, आग लगने के शुरुआती संकेतों की पहचान और घबराहट से बचते हुए व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलने की जानकारी दी गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि तेजी से बढ़ते हाईराइज भवनों के दौर में अग्नि सुरक्षा को नजरअंदाज करना गंभीर खतरे को आमंत्रण देना है। उन्होंने कहा कि ‘अग्नि दुर्घटनाओं में अधिक नुकसान घबराहट और तैयारी की कमी के कारण होता है। यदि लोग पहले से प्रशिक्षित हों तो बड़ी घटनाओं को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा एक मिशन है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई, वहां संबंधित प्रबंधन और भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही विद्युत सुरक्षा प्रणाली का ऑडिट कराने, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम को ऑटो मोड में रखने तथा सभी इमरजेंसी निकास मार्गों को अवरोध मुक्त बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहुल पाल के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की सक्रियता और सतर्क कार्यशैली की स्थानीय निवासियों ने भी सराहना की। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से उन्हें पहली बार वास्तविक आपदा से निपटने की जानकारी मिली।
कई सोसायटियों में सुरक्षा कर्मियों और निवासियों ने नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की मांग भी की। कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा संचालित यह विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान जनसुरक्षा की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभरा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें, भवनों में स्थापित सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें। अभियान ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि जागरूकता, तैयारी और प्रशासनिक सतर्कता ही आग जैसी आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है। गाजियाबाद में चल रहा यह अभियान भविष्य में सुरक्षित शहरी जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

















