- बॉर्डर से हाईवे तक 24 घंटे वाहनों की सघन जांच, संदिग्धों पर कड़ी नजर
- लाइसेंसी दुकानों पर औचक निरीक्षण, हर बोतल की हो रही बारीकी से पड़ताल
- छापेमारी से अवैध शराब कारोबारियों में खलबली, टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आबकारी ई-लॉटरी के चौथे चरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस चरण में प्रदेशभर में देशी मदिरा, कंपोजिट दुकान, मॉडल दुकान तथा भांग की दुकानों के आवंटन हेतु अवशेष और नवसृजित कुल 640 फुटकर दुकानों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नई व्यवस्था से न केवल आवंटन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि राजस्व वृद्धि के साथ अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है। जनपद गाजियाबाद में आबकारी विभाग पूरी सक्रियता के साथ नई व्यवस्था को लागू करने में जुटा हुआ है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में विभाग की टीम जिले को प्रदेश स्तर पर मॉडल आबकारी व्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। विभाग का फोकस केवल दुकानों के आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि लाइसेंसी दुकानों की कार्यप्रणाली, ग्राहकों की सुविधा और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
आबकारी विभाग की टीमें लगातार जिले की लाइसेंसी शराब दुकानों पर निरीक्षण कर रही हैं। दुकानों में रखे स्टॉक का मिलान किया जा रहा है और प्रत्येक बोतल की बारिकी से जांच की जा रही है ताकि अवैध शराब की बिक्री या मिलावट जैसी किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके अलावा अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्राहकों से भी बातचीत कर रहे हैं और यह जानकारी जुटा रहे हैं कि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक रकम तो नहीं वसूली जा रही है। ओवर रेटिंग को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी दुकान से अधिक कीमत वसूलने या ग्राहकों से अभद्र व्यवहार की शिकायत मिली तो संबंधित अनुज्ञापी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निरस्त करने तक की चेतावनी दी गई है। विभाग की इस सख्ती का असर अब दुकानों पर साफ दिखाई देने लगा है और विक्रेता नियमों का पालन करने को मजबूर हो रहे हैं। रविवार को आबकारी विभाग की टीमों द्वारा पूरे जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों ने मोर्चा संभालते हुए दुकानों और वाहनों की जांच की। आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा, कीर्ति सिंह, अखिलेश कुमार, अनुज वर्मा, चमन सिंह, चन्द्रजीत सिंह और दिनेश सिंह की टीमें अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। टीमवर्क और अनुशासित कार्यशैली के कारण विभाग की कार्रवाई प्रभावी साबित हो रही है। जिले में बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए भी व्यापक रणनीति तैयार की गई है। दिल्ली बॉर्डर से लेकर प्रमुख राजमार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आबकारी विभाग की टीमें 24 घंटे वाहनों की चेकिंग कर रही हैं। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग ने अपने मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय कर रखा है, जिससे अवैध शराब की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई संभव हो पा रही है।
आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की कार्यशैली को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सराहना की जा रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था और जनहित सर्वोपरि है। उनकी नेतृत्व क्षमता के चलते विभाग में जवाबदेही बढ़ी है और कार्यों की गति में भी तेजी आई है। अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे टीम का मनोबल भी बढ़ा है। नई आबकारी नीति के तहत डिजिटल प्रणाली अपनाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से इच्छुक आवेदकों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा मिली है। यह व्यवस्था भविष्य में आबकारी प्रबंधन का नया मानक स्थापित कर सकती है। गाजियाबाद में आबकारी विभाग की सक्रियता यह दर्शाती है कि मजबूत नेतृत्व, सतत निगरानी और टीम भावना के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। अवैध शराब पर नियंत्रण, उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया के जरिए विभाग जिले को प्रदेश में एक आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

















