ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाएं: जे. रविन्दर गौड़

-पुलिस कमिश्नर ने ग्रामीण जोन की क्राइम मीटिंग में तीन वर्षों की अपराध समीक्षा के बाद नए वर्ष के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने गुरूवार रात पुलिस कार्यालय में ग्रामीण जोन की क्राइम मीटिंग बुलाई। बैठक में उन्होंने पिछले तीन वर्षों की अपराध समीक्षा की और वर्ष 2026 में अपराध दर कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस कमिश्नर के साथ एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था व यातायात आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, ग्रामीण जोन के सभी एसीपी और संबंधित थाना प्रभारियों ने भाग लिया। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण के लिए ठोस, सतत और प्रभावी कार्रवाई अनिवार्य है। जे. रविन्दर गौड़ ने वाहन चोरी, लूट, छिनैती और महिलाओं से जुड़े अपराधों में कमी लाने के लिए प्रत्येक स्तर पर कठोर रणनीति लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में चिन्हित हॉट स्पॉट्स पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती और लगातार गश्त को अनिवार्य बताया।

इसके साथ ही संगठित अपराध, गैंगस्टर गिरोहों और सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर पैनी नजर रखने के निर्देश भी दिए।
पुलिस कमिश्नर ने अधीनस्थ अधिकारियों से कहा कि अपराधियों की हर गतिविधि पर निगरानी मजबूत की जाए और जरूरत पडऩे पर गैंगस्टर एक्ट सहित कठोर धाराओं में कार्रवाई से पीछे न हटें। संपत्ति संबंधी अपराधों को रोकने के लिए थानों को विशेष सतर्कता बरतने, रात में गश्त को और सघन करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस कमिश्नर ने सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों के आसपास पुलिस उपस्थिति बढ़ाने के आदेश दिए। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबरों का अधिक प्रचार-प्रसार करने और महिलाओं को आसानी से पुलिस तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रखने और भीड़भाड़ वाले रूटों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने थानों पर आयोजित वादी संवाद दिवस को प्रभावी बनाने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि ग्रामीण इलाकों में अपराध पर नियंत्रण केवल कठोर कार्रवाई से ही संभव नहीं है, बल्कि सतत निगरानी, तकनीकी साधनों का उपयोग और जनता के सहयोग से ही दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।