बलिया में अवैध शराब निर्माताओं पर नकेल, नदी किनारे मिली 1500 किलोग्राम लहन नष्ट

-जिला आबकारी अधिकारी की सख्त कार्यशैली से माफियाओं में हड़कंप, रात-दिन चल रही दबिश

उदय भूमि संवाददाता
बलिया। जनपद बलिया की धरती को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाने में आबकारी विभाग के अधिकारी विजय कुमार शुक्ला और उनकी टीम लगातार सक्रिय हैं। जिले के देहात क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को जड़ से समाप्त करने के लिए उनकी टीम दिन-रात अभियान चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार को रोकना है, बल्कि इसके पीछे छिपे माफियाओं और असामाजिक तत्वों को कानून के दायरे में लाना भी है। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को आबकारी निरीक्षक विनय राय (क्षेत्र-1 सदर), संदीप यादव (क्षेत्र-3 बांसडीह) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष दबिश दी। यह कार्रवाई रेवती थाना क्षेत्र और बिहार के सिसवन थाना क्षेत्र के मध्य घाघरा नदी के तटीय क्षेत्रों में की गई। कार्रवाई के दौरान नदी किनारे जंगलों और घने झाडिय़ों के बीच छिपाकर रखी लगभग 1500 किलोग्राम लहन को मौके पर नष्ट किया गया।

लहन नष्ट करने की प्रक्रिया आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत पूरी की गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद न केवल अवैध शराब के भट्टों को बंद करना है, बल्कि लोगों में यह संदेश भी देना है कि कानून से कोई भी बड़ी ताकत नहीं है। बलिया में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई क्षेत्रीय आबकारी माफियाओं के लिए चेतावनी की तरह है। अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की कार्यशैली में सख्ती और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है। एक ओर वह अवैध शराब निर्माताओं पर कठोर कार्रवाई करते हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाते हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अवैध शराब को नष्ट करना नहीं है, बल्कि युवाओं और आम जनता को असामाजिक गतिविधियों से बचाना और जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखना है।

अधिकारियों ने बताया कि नदी किनारे दबिश देने की रणनीति इसलिए अपनाई गई ताकि अवैध शराब निर्माताओं के भट्टों और छिपी हुई सामग्री का पता लगाया जा सके। घाघरा नदी के तटीय क्षेत्रों में यह कार्रवाई इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह क्षेत्र माफियाओं के लिए लहन और शराब भट्टों को छिपाने का प्रमुख स्थल बन चुका था। इस अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को भी सहयोग के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें कानून के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। बलिया में आबकारी विभाग के इस अभियान से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिले में कोई भी अवैध गतिविधि सुरक्षित नहीं है। अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने टीम के साथ मिलकर लगातार निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था बनाई है। उनकी योजना और समर्पण से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। इसके अलावा, विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री या निर्माण की सूचना मिले तो तुरंत आबकारी विभाग या पुलिस को सूचित करें।

अधिकारियों का कहना है कि जन सहयोग और टीम की सतत निगरानी के कारण ही इस प्रकार के अभियान सफल हो पा रहे हैं। बलिया में आबकारी विभाग की यह कार्यशैली न केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने में कारगर साबित हो रही है, बल्कि जिले की जनता को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विभाग लगातार ऐसे अभियान चलाने और जिले में अवैध शराब निर्माताओं के खिलाफ नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की कठोर और योजनाबद्ध कार्यशैली ने जिले में अवैध शराब निर्माताओं और माफियाओं के लिए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बलिया अब अवैध शराब के कारोबार के लिए सुरक्षित नहीं है। उनका यह प्रयास जिले की कानून व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।