बिहार विधान सभा में विपक्ष का जमकर हंगामा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी का विरोध

पटना। बिहार विधान सभा में बुधवार को स्पीकर पद पर चुनाव से पहले जमकर हंगामा मचा। विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी की सदन में मौजूदगी का पुरजोर विरोध किया। स्पीकर पद के चुनाव में गुप्त मतदान की विपक्ष की मांग को प्रोटेम स्पीकर ने खारिज कर दिया। बिहार विधान सभा में करीब 51 साल के बाद स्पीकर पद पर चुनाव हो रहा है। ऐसे में सत्ता और विपक्ष के अधिकांश सदस्य सदन में मौजूद रहे। चुनाव से पहले विपक्ष ने काफी शोर-शराब मचा। स्पीकर पद के लिए एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला है। सदन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। यादव ने कहा कि एनडीए ने जनादेश की चोरी की है। 4 साल में बिहार में 4 सरकारें देखी गई, मगर हर बार जनादेश चोरी किया गया है। पिछली सरकार चोर दरवाजे से आई थी। ये सरकार भी चोर दरवाजे से आई है। विपक्ष ने गुप्त मतदान की मांग भी की। इस मांग को प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी ने खारिज कर दिया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी की मौजूदगी पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि दोनों नेता विधान सभा के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें सदन में नहीं होना चाहिए। प्रोटेम स्पीकर मांझी ने कहा कि नीतीश और अशोक मतदान में शामिल नहीं हैं, मगर विपक्ष ने फिर भी आपत्ति जताई। विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर विरोध किया। सदन में हंगामा होता रहा। हंगामे के बीच प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि सिर्फ सदन के सदस्य मतदान में भाग लेंगे। शोर-शराबे के बीच सदन की कार्रवाई चलती रही। बता दें कि बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन कुछ सीटों के अंतर से पिछड़ जाने के कारण सत्ता में नहीं आ पाया है।