-जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह को मिली पांच जोन की जिम्मेदारी
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनियों एवं अवैध निर्माण पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए एक बार फिर से जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स बड़ा फेरबदल किया है। जहां एक तरफ दो जीडीए ओएसडी को उनके कार्यों से हटा दिया गया है तो वहीं दो जीडीए ओएसडी के कार्यक्षेत्र की कमान जीडीए अपर सचिव को सौंपी है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बुधवार को बड़ा निर्णय लेते हुए प्रवर्तन जोन क्षेत्र की अपर सचिव को जिम्मेदारी सौंपी है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि जीडीए ओएसडी कनिका कौशिक को प्रवर्तन जोन-1 व 2 से हटा दिया गया है। वहीं, जीडीए प्रवर्तन जोन-3, 4 व 5 की प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन ओएसडी गुंजा सिंह से भी इन तीनों प्रवर्तन जोन का प्रभार हटा दिया गया।
जीडीए उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन जोन क्षेत्र में किए गए फेरबदल के बाद जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह को प्रवर्तन जोन-1, 2, 3, 4 व 5 का प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन बनाया हंै। जबकि अधिशासी अभियंता आलोक रंजन को प्रवर्तन जोन-6 के साथ-साथ प्रवर्तन जोन-7 की भी जिम्मेदारी सौंपी है। जीडीए प्रवर्तन जोन-8 की प्रभारी ओएसडी गुंजा सिंह को बनाया गया है। जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह को पांच जोन का प्रवर्तन अधिकारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनका कद और बढ़ गया है। वहीं, अधिशासी अभियंता आलोक रंजन पर भी भरोसा जताते हुए उन्हें प्रवर्तन जोन-7 की भी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
बता दें कि मेरठ में मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल द्वारा मोरटा में वेयर हाउस का अवैध रूप से निर्माण किए जाने की शिकायत की गई थी। पवन गोयल ने ओएसडी गुंजा सिंह के कार्यकाल में अवैध वेयर हाउस का निर्माण होने और कोई कार्रवाई नहीं करने की मंडलायुक्त से शिकायत की थी। मंडलायुक्त ने इस मामले में जीडीए उपाध्यक्ष को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। जीडीए उपाध्यक्ष द्वारा प्रवर्तन जोन क्षेत्र में किए गए फेरबदल और ओएसडी गुंजा सिंह से प्रवर्तन जोन-3, 4 व 5 का प्रभार हटाने के पीछे भी यही बड़ा कारण माना जा सकता हैं। ओएसडी गुंजा सिंह को सिर्फ प्रवर्तन जोन-8 का ही प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन बनाया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि ओएसडी सिर्फ एक ही प्रवर्तन जोन की प्रभारी रहेंगी। इनके द्वारा प्रभारी अधिकारी विधि के साथ-साथ प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन के दायित्व का भी निर्वहन किया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष ने जारी किए आदेश में कहा कि प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन अपने-अपने थाना क्षेत्र के अंतर्गत अवैध निर्माणों के योजित वादों की सुनवाई के उपरांत अंतिम निर्णय एवं निस्तारण उपाध्यक्ष के अनुमोदन के उपरांत किए जाने का अधिकार होगा। प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन के रूप में इनके द्वारा कार्य किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जोन प्रभारी एवं अवर अभियंता द्वारा प्रवर्तन के कार्यों में शिथिलता न बरती जाए। सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए प्राप्त सूची के तहत पूरे माह की कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही प्रवर्तन जोन-1 से 5 तक अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह द्वारा नोडल अधिकारी प्रवर्तन और प्रवर्तन जोन-6 से 8 तक का सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा नोडल अधिकारी प्रवर्तन के दायित्व का निर्वहन किया जाएगा। इसके अलावा अभियंत्रण जोन-1 व 2 संबंधी कार्य प्रभारी अधिकारी के रूप में अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार और जोन-4 व 5 का अभियंत्रण संबंधी कार्य अधिशासी अभियंता योगेश पटेल पूर्व आवंटित कार्यों के साथ देखेंगे। अभियंत्रण जोन-7 व 8 के कार्यों का अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्मा द्वारा निर्वहन किया जाएगा।















