गाजियाबाद बना पर्यावरण संरक्षण का रोल मॉडल, केंद्रीय मंत्री व दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व ने की सराहना

-विश्व पर्यावरण दिवस पर भारत मंडपम से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने देश को दिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
-रीयूज, रिड्यूस, रीसायकल की नीति को अपनाकर गाजियाबाद नगर निगम बना देशभर में मिसाल, प्लास्टिक वसूली में उत्तर प्रदेश में नंबर वन

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली/गाजियाबाद। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भव्य समारोह में गाजियाबाद नगर निगम ने अपने अभिनव प्रयासों और उपलब्धियों से पूरे देश को प्रभावित किया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस अवसर पर गाजियाबाद को प्लास्टिक मुक्त बनाने की रणनीति, कार्ययोजना और परिणामों को मंच से प्रस्तुत किया और देश को रीयूज़, रिड्यूस, रीसायकल की राह पर चलने का आह्वान किया। नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक वसूली में नंबर एक स्थान पर है। निगम द्वारा चलाए जा रहे घर-घर प्लास्टिक वसूली अभियान के तहत सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से हर घर से प्लास्टिक कचरा संग्रहित किया जा रहा है, जिसका पुनर्चक्रण कर उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त द्वारा एक प्रभावशाली वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से गाजियाबाद में चल रहे अभियानों, नवाचारों और योजनाओं को देश भर से आए अधिकारियों और प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इसे सराहनीय और अनुकरणीय बताया। गाजियाबाद नगर निगम ने कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाया, जहां रीसाइकल प्लास्टिक से निर्मित दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे टेबल, कुर्सियां, प्लांटर्स, डस्टबिन आदि प्रस्तुत किए गए। यह स्टॉल आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा और गाजियाबाद की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता की सजीव झलक प्रस्तुत की।

देश के शीर्ष नेतृत्व ने की सराहना, गाजियाबाद बना प्रेरणा
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उप-राज्यपाल विनयी कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। गाजियाबाद नगर निगम के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना करते हुए उन्होंने इसे देश के अन्य नगर निगमों के लिए रोल मॉडल बताया। इसके साथ ही भोपाल और हुबली नगर निगम के आयुक्तों द्वारा भी अपने-अपने शहरों की पर्यावरणीय पहलों की प्रस्तुति दी गई, परंतु गाजियाबाद की रणनीति और प्रस्तुति को विशेष रूप से सराहा गया।

हर घर से प्लास्टिक बाहर- जनांदोलन बन रहा अभियान
नगर आयुक्त मलिक ने बताया कि महापौर सुनीता दयाल और उनके नेतृत्व में यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। जनता को जागरूक कर रीयूज, रिड्यूस और रीसायकल की अवधारणा को घर-घर पहुंचाया जा रहा है। नगर आयुक्त ने मंच से देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि हर नागरिक अपनी आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करें तो हम अपने पर्यावरण को बचा सकते हैं। प्लास्टिक से मुक्ति न केवल जरूरी है, बल्कि अब अपरिहार्य बन चुकी है।

गाजियाबाद का प्रयास देश के हर शहर के लिए प्रेरणा
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली में हुए इस राष्ट्रीय आयोजन में गाजियाबाद नगर निगम की सक्रिय भागीदारी और प्रयासों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति और योजना हो तो शहरी प्रशासन पर्यावरण संरक्षण में अभूतपूर्व योगदान दे सकता है। गाजियाबाद की यह पहल अब अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।