-हेलमेट के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल – नियम पालन और सुरक्षा को लेकर दिखी प्रशासन की सख्ती
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में बुधवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने यह साबित कर दिया कि अगर अधिकारी ईमानदार और नियमों के प्रति दृढ़ निश्चयी हो, तो बदलाव केवल संभव ही नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से दिखाई भी देता है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की कार्यशैली और सख्ती का असर अब आम जनता तक पहुंच चुका है। फाइनेंशियल कंसलटेंट रविंद्र तिवारी ने बताया कि कई वर्षों बाद जब वे अपनी स्कूटी लेकर बाहर निकले और पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने पहुंचे, तो पंपकर्मियों ने साफ कह दिया कि जब तक हेलमेट नहीं लगाया जाएगा, पेट्रोल नहीं डाला जाएगा। पहले तो उन्हें आश्चर्य हुआ, लेकिन जैसे ही उन्होंने हेलमेट पहना, तुरंत तेल भर दिया गया। इस अनुभव से प्रभावित होकर उन्होंने कहा कि आज यह देखकर गर्व हुआ कि अधिकारी ईमानदार हो तो जिले में हर नियम लागू हो सकता है। हेलमेट पहनना हमारी सुरक्षा के लिए है और जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की हनक व सख्ती ने इसे ज़मीनी हकीकत बना दिया है।
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी अपने साफ-सुथरे प्रशासन और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पदभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह राशन वितरण की पारदर्शिता हो, गैस और ईंधन की आपूर्ति में अनुशासन हो, या सड़क सुरक्षा जैसे नियम-अमित तिवारी की कार्यशैली हर क्षेत्र में झलकती है। पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना ने न केवल लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया, बल्कि प्रशासन के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत किया। अब लोग मानने लगे हैं कि जब अधिकारी स्वयं ईमानदारी और सख़्ती से काम करते हैं तो व्यवस्था स्वत: ही सुधर जाती है। रविंद्र तिवारी ने कहा कि आज तक हम लोग सोचते थे कि नियम सिर्फ कागजों पर ही लिखे रहते हैं, पर गाजियाबाद में पहली बार महसूस हुआ कि सही अधिकारी की वजह से जनता को भी जि़म्मेदार बनना पड़ता है।
अमित तिवारी की पहल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं है। हेलमेट पहनने जैसे नियम जीवन बचाने के लिए हैं, और इनका पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जिला पूर्ति अधिकारी ने अपनी कार्यप्रणाली से यह दिखा दिया कि छोटी-छोटी बातों को गंभीरता से लागू कर, बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। अब जिले के लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में इसी प्रकार अनुशासन और पारदर्शिता की नीतियां अन्य क्षेत्रों में भी और अधिक मजबूती से लागू होंगी। अमित तिवारी जैसे ईमानदार अधिकारियों की वजह से जनता न केवल सुरक्षित महसूस करती है बल्कि उन्हें यह भरोसा भी होता है कि व्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
















