मॉडर्न कॉलेज में ‘दीक्षारम्भ’ छात्र दीक्षा कार्यक्रम का भव्य आयोजन

-बी.एड. व एम.एड. के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय कार्यक्रम, शैक्षणिक वातावरण और जीवन मूल्यों से कराया जा रहा परिचय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़, मोहन नगर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) के तत्वावधान में बी.एड. एवं एम.एड. पाठ्यक्रम सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 24 सितम्बर बुधवार से 30 सितम्बर तक ‘दीक्षारम्भ’ छात्र दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल कॉलेज के शैक्षणिक परिवेश और नियमों से अवगत कराना है, बल्कि उन्हें शिक्षण-पद्धति, जीवन कौशल और व्यावसायिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ 24 सितम्बर को दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने एक मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर अतिथियों और नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) निशा सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने और शिक्षण-प्रशिक्षण प्रक्रिया को गहराई से समझने का एक अनूठा अवसर है।

उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल ज्ञानार्जन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जीवन-मूल्यों, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने का साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले दो वर्षों में उन्हें न केवल पाठ्यक्रमीय ज्ञान प्राप्त करना है बल्कि व्यावहारिक अनुभव, शोधपरक चिंतन और मानवीय दृष्टिकोण भी विकसित करना होगा। यही गुण एक सफल शिक्षक की पहचान बनाते हैं। कॉलेज के सचिव विनीत गोयल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माता होता है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलता है। इसके लिए नियमित अध्ययन, तकनीकी प्रगति से स्वयं को अद्यतन रखना और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कॉलेज विद्यार्थियों को सदैव उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और प्रगतिशील मंच उपलब्ध कराता रहेगा।

इस सात दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अभिवृद्धि आधारित गतिविधियां रखी गई हैं। इसमें अध्यापक परिचय, आचार संहिता, पुस्तकालय परिचय, मार्गदर्शक-विद्यार्थी संवाद, परिसर भ्रमण, योग सत्र, साहित्यिक गतिविधियाँ, खेल परिचय, जीवन कौशल पर विशेषज्ञ व्याख्यान, दक्षता विकास सत्र, समूह चर्चा, रचनात्मक कला (अपशिष्ट से हस्तकला), पूर्व छात्र वार्ता, स्थानीय भ्रमण, मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम और विषय-परिचय सत्र सम्मिलित हैं। कार्यक्रम के अंतिम दिन विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ तर्कशक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने का अवसर मिलेगा। दीक्षारम्भ कार्यक्रम न केवल नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कॉलेज की शैक्षणिक दिशा से परिचित कराएगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रबल करेगा। उद्घाटन सत्र का समापन शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निशी त्यागी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।