– अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने पत्र जारी कर कहा होम आइसोलेशन को लेकर गाजियाबाद नगर निगम की व्यवस्था है कारगर
उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ/गाजियाबाद। ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए गाजियाबाद में अपनाई गई रणनीति को अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने सभी जगहों पर गाजियाबाद नगर निगम मॉडल को लागू करने को लेकर निर्देश जारी किया है। हॉस्पीटल एवं होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को ऑक्सीजन मिले इसको लेकर गाजियाबाद में ऑक्सीजन के नोडल अधिकारी नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने एक फार्मूला तैयार किया है। फार्मूले के तहत जहां हॉस्पीटल में ऑक्सीजन की मांग आपूर्ति का रीयल टाइम डेटा बेस तैयार कर ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है वहीं, होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन सेंटर बनाये गये हैं। इन सेंटरों पर मरीजों का रिकार्ड दर्ज कर एवं सत्यापन कर सभी लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गाजियाबाद में बनाई गई यह व्यवस्था काफी कारगर साबित हुई है। बुधवार को लखनऊ में कोरोना संकट से निपटने के लिए बनाई गई टीम-9 की बैठक में इस पर चर्चा हुई और सभी जगहों पर इसे अमल में लाने का निर्णय हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने पत्र जारी कर कहा कि गाजियाबाद में होम आइसोलेशन के लिए नगर निगम द्वारा एक व्यवस्था की गई है। जैसाकि टीम-9 की बैठक में निर्णय लिया गया है कि आज रात्रि तक पूरे प्रदेश में होम आइसोलेशन के लिए आॅक्सीजन की आपूर्ति किये जाने हेतु एक सॉफ्टवेयर तैयार करने का कष्ट करें। इस संदर्भ में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सैंथिल पांडियान एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर से विस्तृत विवरण ले लिया जाये। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति एवं सत्यापन को लेकर जो व्यवस्था गाजियाबाद में की गई है उसमें 24 घंटे में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह तक गाजियाबाद में हाहाकार मचा हुआ था। कोरोना मरीजों को हॉस्पीटल में भी ऑक्सीजन नहीं मिल रहा था और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही थी। कोरोना संकट के आगे प्रशासनिक व्यवस्था फेल हो गई थी और प्रशासन पूरी तरह बेबस और लाचार नजर आ रहा था। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे एवं मुख्य चिकित्साधिकारी स्वयं कोरोना संक्रमित हो गये। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने जिलाधिकारी का चार्ज लिया और संकट से निपटने को लेकर नये सिरे से प्लानिंग कर उस पर अमल शुरू किया।
कोविड-19 के नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन के नेतृत्व में जीडीए उपाध्यक्ष एवं प्रभारी जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश व नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर की तिकड़ी ने हर छोटे-छोटे बिंदुओं पर काम कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाने के साथ उनसे रीयल टाइम फीडबैक लेकर क्विक एक्शन लिया जा रहा है। हालांकि गाजियाबाद में कोरोना की स्थिति अभी काबू में नहीं है और कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन पहले के मुकाबले परिस्थिति में काफी सुधार हुआ है। ऑक्सीजन की किल्लत दूर हुई है और हॉस्पीटल में लोगों को बेड भी उपलब्ध हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा मनमानी कर रहे अस्पतालों पर भी हंटर चलाया जा रहा है और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं जाकर अस्पतालों में खाली और भरे हुए बेड की जांच कर रहे हैं।
क्या है गाजियाबाद नगर निगम का ऑक्सीजन मॉडल
हॉस्पीटल में रीयल टाइम डेटा के आधार पर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के साथ-साथ इमरजेंसी स्टॉक भी रखा जा रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम के सभी जोन में ऑक्सीजन सेंटर बनाये गये हैं। होम आइसोलेशन के मरीजों का जिला स्तर की सूची से सत्यापन किया जाता है एवं मरीजों का आधार कार्ड भी लिया जाता है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जाता है और 24 घंटे में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति कर दी जाती है।
















