-सुरक्षा लापरवाही घातक हो सकती है, नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी: राहुल पाल
-मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में क्लब, बार, मॉल और रेस्टोरेंट में निकास मार्ग और फायर सिस्टम की कड़ी जांच
-गाजियाबाद के भीड़भाड़ वाले स्थल पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए फायर डिपार्टमेंट ने अभियान तेज किया
-31 प्रमुख प्रतिष्ठानों में निकास मार्ग अवरोध मुक्त कराए गए, फायर उपकरणों की कार्यक्षमता पर गहन निगरानी
-अभियान का उद्देश्य जनहानि रोकना, न कि दंड; मालिकों को स्वयं भी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश
-गाजियाबाद मॉल, बार और रेस्टोरेंट में नियमित अंतराल पर फायर निरीक्षण की योजना लागू
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तरी गोवा के अरपोरा में हाल ही में हुई दर्दनाक नाइट क्लब अग्नि दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है और विशेष रूप से गाजियाबाद में सभी भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में रविवार को 31 प्रमुख क्लब, बार, मॉल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण अभियान में शामिल प्रतिष्ठानों में गौर सेंट्रल मॉल, आरडीसी राजनगर, बार्बी क्यू नेशन, स्काई हाउस रेस्टोरेंट एंड बार, हल्दीराम, हिट एंड पिंट, फूड वर्कशॉप, रिबाउंड कैफे एंड लाउंज, होटल एडीआर, द वॉक (गूजबम्प्स), व्यू बाय ड्यूटी फ्री, एंजल मॉल कौशांबी, शाप्रिक्स मॉल, हैबिटेट सेंटर इंदिरापुरम आदि शामिल थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थापित अग्निशमन उपकरणों का परीक्षण किया और कर्मचारियों से उन्हें चलवाकर उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। प्रत्येक प्रतिष्ठान में निकास मार्गों की स्थिति देखी गई और उन्हें पूरी तरह से अवरोध मुक्त कराया गया। राहुल पाल ने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में लोगों का सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान दंड देने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।
विशेष निरीक्षण के दौरान प्रत्येक प्रतिष्ठान के फायर सिस्टम को ऑटो मोड पर सक्रिय रखने की जिम्मेदारी कर्मचारियों और मालिकों को सौंपी गई। साथ ही सभी को निर्देशित किया गया कि निकास मार्गों पर कोई सामान न रखा जाए और फायर उपकरण नियमित जांच और मेंटेनेंस के साथ हमेशा कार्यशील रहें। राहुल पाल ने कहा कि गोवा की घटना ने सबको चेताया है कि सुरक्षा में लापरवाही घातक हो सकती है। गाजियाबाद में संचालित सभी क्लब, बार, मॉल और रेस्तरां में अग्नि सुरक्षा की नियमित निगरानी और प्रशिक्षण जारी रहेगा। हमारा लक्ष्य जनहानि से बचाव और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। जिन प्रतिष्ठानों में कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों और प्रतिष्ठान मालिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्हें फायर सिस्टम, अग्नि निर्गमन उपकरण और आपातकालीन निकास मार्गों की कार्यप्रणाली समझाई गई और सभी कर्मचारियों ने व्यावहारिक अभ्यास किया।
गाजियाबाद फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, आगामी दिनों में बड़े मॉल, मनोरंजन स्थल, ऊंची इमारतें और क्लबों में नियमित अंतराल पर निरीक्षण जारी रहेगा। यह पहल शहरवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा हम केवल निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि कर्मचारियों और प्रतिष्ठानों को सक्रिय भागीदार भी बना रहे हैं। यदि प्रतिष्ठान अपने सुरक्षा उपकरणों और निकास मार्गों की नियमित जांच सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हमारा उद्देश्य है कि गाजियाबाद में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो। अभियान के दौरान स्थानीय मीडिया और नागरिकों की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रशंसा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। गाजियाबाद में यह अभियान एक मॉडल सुरक्षा योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें न केवल दंडात्मक कार्रवाई बल्कि जागरूकता और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहरवासियों और व्यापारियों से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनें और अपने प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन करें।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी
गोवा में हुई नाइट क्लब अग्नि दुर्घटना ने हम सभी को झकझोर दिया है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि भीड़भाड़ वाले स्थलों में सुरक्षा में कोई भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। गाजियाबाद में स्थित सभी क्लब, बार, मॉल और रेस्टोरेंट में हमने सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। हमारा उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रतिष्ठान को यह सुनिश्चित कराना है कि उनका फायर सिस्टम हमेशा सक्रिय और ऑटो मोड में कार्यरत रहे। हमने कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में निकास मार्गों का सही उपयोग कैसे किया जाए और किसी भी प्रकार की बाधा न रहे। निकास मार्गों पर कोई सामान नहीं रखा जाए, और सभी प्रतिष्ठान अपने सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करें। यह अभियान दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा और जनहानि से बचाव के लिए है। हम गाजियाबाद को एक मॉडल सुरक्षित शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में बड़े मॉल, मनोरंजन स्थल और ऊंची इमारतों में भी नियमित निरीक्षण किया जाएगा। हमें विश्वास है कि प्रतिष्ठान और कर्मचारी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनकर इसे सफल बनाएंगे। किसी भी दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी

















