स्वच्छता की नई क्रांति: नगर निगम का सख्त अभियान, कूड़ा और प्लास्टिक पर जोरदार कार्रवाई

-मार्केट एरिया में पुराने कूड़ा घर हटाकर लगाए गए जागरूकता बोर्ड, भारी जुर्माने से प्लास्टिक और गंदगी फैलाने वालों पर शिकंजा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने अपने स्वच्छता अभियान को और तेज कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशानुसार पांचों जोनों में नगर निगम की टीमें दिन-रात अभियान चला रही हैं। अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं बल्कि शहरवासियों को जिम्मेदारी का एहसास कराना और नियमों का पालन कराना है। आरडीसी राजनगर समेत शहर के कई प्रमुख मार्केटों में पुराने कूड़ा घर हटाए गए और उनकी जगह जन-जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शिकायत निवारण और 311 एप व हेल्पलाइन नंबर 18001803012 जैसी सुविधाओं की पूरी जानकारी अंकित है। नागरिक अब सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपने क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग कर सकते हैं।

नगर निगम ने अभियान के दौरान सख्त कार्रवाई करते हुए गंदगी फैलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक उपयोग करने वालों पर भारी जुर्माना वसूला गया। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पुराने कूड़ा घर हटाकर स्थाई समाधान और जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। इससे न केवल गंदगी फैलने पर नियंत्रण होगा, बल्कि नागरिकों को अपने क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने का सशक्त अवसर मिलेगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अब सिर्फ सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और जिम्मेदारी का आंदोलन बन चुकी है, जिसमें नागरिक, व्यापारी और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

• विजयनगर जोन: सेनेटरी और फूड इंस्पेक्टर श्वेता सिंह के नेतृत्व में सेक्टर-9, प्रताप विहार और सम्राट चौक में 1,69,000 रुपये की वसूली।
• सिटी जोन: नरेश कुमार की टीम ने घंटाघर, रमते राम रोड, बजरिया, लोहिया नगर, पटेल नगर और शिवबनपुरा में 57,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया।
• मोहन नगर जोन: श्याम पार्क और लाजपत नगर मार्केट में 35,000 रुपये का जुर्माना।
• कवि नगर जोन: गोविंदपुरम, शास्त्री नगर, राजनगर, सेक्टर-23 और ब्लॉक मार्केट में 3,22,000 रुपये का जुर्माना वसूला।
• वसुंधरा जोन: शक्ति खंड, इंदिरापुरम, वैशाली और सेक्टर-15 वसुंधरा में 1,74,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जुर्माने के साथ-साथ स्थाई समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया है। अब नगर निगम किसी भी गंदगी फैलाने वाले इलाके में सिर्फ जुर्माना नहीं लगाएगा, बल्कि वहां स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग का सहयोग सराहनीय है, और इससे शहर की स्वच्छता को सुनिश्चित करना आसान हो गया है। नगर निगम की टीम बाजार क्षेत्र में रोजाना निरीक्षण करती है और किसी भी प्रकार की गंदगी या प्लास्टिक के उपयोग पर तुरंत कार्रवाई करती है।

नागरिकों और व्यापारियों की भागीदारी
नगर निगम ने इस अभियान में नागरिकों को भी सीधे जोड़ा है। लोग 311 एप और हेल्पलाइन नंबर 18001803012 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपनी सुविधा अनुसार कचरा प्रबंधन और सफाई सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने व्यापारियों को भी स्वच्छता अभियान में सहभागी बनाने पर जोर दिया है। कई बाजार समितियां स्वेच्छा से सहयोग कर रही हैं और अपने स्टॉल व दुकानों के आसपास सफाई सुनिश्चित कर रही हैं।

नगर निगम का उद्देश्य
नगर निगम ने साफ किया कि यह अभियान स्थायी रूप से चलाया जाएगा।
शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त स्थानों में नियमित निरीक्षण।
कूड़ा प्रबंधन में तकनीकी समाधान और स्थाई व्यवस्था।
नागरिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और सूचना प्रणाली।
प्रतिबंधित प्लास्टिक पर लगातार निगरानी।
नगर निगम का मानना है कि यदि प्रशासन, नागरिक और व्यापारियों का सहयोग संयुक्त रूप से जारी रहा, तो गाजियाबाद को स्वच्छता और व्यवस्था के मामले में पूरे उत्तर प्रदेश का मॉडल शहर बनाया जा सकता है।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

शहर की सफाई सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। हर नागरिक, व्यापारी और बाजार समितियों का कर्तव्य है कि वे स्वच्छता में योगदान दें। नगर निगम के अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहरवासियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जहां पुराने कूड़ा घरों के कारण गंदगी फैलती थी, वहां अब स्थाई समाधान और जागरूकता बोर्ड लगाकर बदलाव लाया जा रहा है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त