-अंडर-18 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़े खिलाडिय़ों को मात देकर हासिल किया चैम्पियनशिप खिताब
-एरिना इंटरनेशनल मास्टर टाइटल के साथ स्टेट से इंटरनेशनल लेवल तक मजबूत तैयारी में जुटे युवा खिलाड़ी
-परिवार, स्कूल और कोच के मार्गदर्शन में रोजाना घंटों अभ्यास कर निखार रहे शतरंज की रणनीतिक प्रतिभा
-एरिना इंटरनेशनल मास्टर टाइटल के साथ स्टेट से इंटरनेशनल लेवल तक मजबूत तैयारी में जुटे युवा खिलाड़ी
-परिवार, स्कूल और कोच के मार्गदर्शन में रोजाना घंटों अभ्यास कर निखार रहे शतरंज की रणनीतिक प्रतिभा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिस उम्र में अधिकतर बच्चे मोबाइल गेम और टीवी की दुनिया में खोए रहते हैं, उसी उम्र में गाजियाबाद के 15 वर्षीय अक्षित शर्मा शतरंज की बिसात पर अपनी रणनीति, धैर्य और शानदार चालों से पहचान बना रहे हैं। कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा के दम पर अक्षित ने न केवल जिला बल्कि प्रदेश स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। हाल ही में आयोजित इंटर स्कूल चेस चैम्पियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रथम स्थान हासिल कर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। डासना स्थित सुंदरदीप वर्ल्ड स्कूल में शनिवार को ब्रेन स्ट्रोम चेस एकेडमी एनसीआर-गाजियाबाद द्वारा आयोजित इंटर स्कूल चेस चैम्पियनशिप 2026 में अक्षित शर्मा ने अंडर-18 वर्ग में खेलते हुए पांच खिलाडिय़ों को मात दी और 5 प्वाइंट के साथ चैंपियन बने। प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के कुल 29 खिलाडिय़ों ने भाग लिया, जिनमें अधिकांश खिलाड़ी उम्र में अक्षित से बड़े थे। इसके बावजूद उन्होंने शांत दिमाग और सटीक रणनीति के साथ जीत हासिल की।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, मेरठ रोड में कक्षा-9 के छात्र अक्षित शर्मा ने बेहद कम उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। परिवार के अनुसार उन्होंने करीब 10 वर्ष की आयु से पहले ही शतरंज का पहला मोहरा हाथ में लिया था और तभी से इस खेल के प्रति उनका लगाव लगातार बढ़ता गया। आज स्थिति यह है कि वह नियमित रूप से स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर को लक्ष्य बनाकर तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में जनपद सीतापुर में आयोजित स्टेट लेवल चेस चैम्पियनशिप में भी अक्षित ने प्रतिभाग कर अनुभव हासिल किया। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भागीदारी ने उनकी सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की गति और रणनीतिक समझ को और मजबूत बनाया है।
अक्षित शर्मा को ऑनलाइन शतरंज में बड़ी उपलब्धि तब मिली जब उन्हें ‘एरिना इंटरनेशनल मास्टर (AIM)’ की उपाधि प्राप्त हुई। यह सम्मान विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) द्वारा ऑनलाइन प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अक्षित प्रतिदिन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कई घंटों तक अभ्यास करते हैं। वह क्लासिकल गेम्स का अध्ययन करने के साथ आधुनिक ओपनिंग रणनीतियों पर भी काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करना और अंतरराष्ट्रीय शतरंज मंच पर देश का नाम रोशन करना है।
अक्षित शर्मा ने कहा शतरंज मेरे लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि सोचने का तरीका है। हर मैच मुझे कुछ नया सिखाता है। मेरा सपना इंटरनेशनल लेवल पर भारत के लिए खेलना है। इसके लिए मैं रोज अभ्यास करता हूं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं। अक्षित की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिता मनोज शर्मा ने बताया अक्षित बचपन से ही शांत स्वभाव का रहा है और चीजों को गहराई से समझने की कोशिश करता था। हमने उसकी रुचि को पहचाना और हमेशा उसे आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। हमारी कोशिश रहती है कि उसे पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन मिले। माता प्रीति शर्मा ने कहा अक्षित घंटों तक बिना थके शतरंज का अभ्यास करता है। कई बार हारने के बाद भी वह निराश नहीं होता बल्कि अपनी गलतियों से सीखता है। उसकी मेहनत ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
अक्षित के कोच अभिमन्यु पोद्दार का मानना है कि उनमें भविष्य का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। कोच अभिमन्यु पोद्दार ने कहा अक्षित की सबसे बड़ी खासियत उसकी गेम समझ और धैर्य है। वह हर चाल सोच-समझकर चलता है और लगातार सीखने की इच्छा रखता है। अगर इसी तरह मेहनत जारी रही तो वह आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। अक्षित शर्मा की सफलता ने न केवल उनके परिवार और स्कूल बल्कि पूरे गाजियाबाद जिले को गौरवान्वित किया है। आज वह शहर के उभरते हुए युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि लगन, अनुशासन और सही मार्गदर्शन मिले तो सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। शतरंज की बिसात पर अक्षित की हर नई चाल अब उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम बन चुकी है।

















