-साईं उपवन में नगर निगम द्वारा आयोजित 14वां शिविर प्लास्टिक मुक्त और जीरो वेस्ट मॉडल पर होगा आधारित, एक लाख से अधिक कांवडिय़ों की होगी सेवा
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने लिया साई उपवन शिविर स्थल का जायजा, छह दिनी शिविर में लाखों कांवडिय़ों के लिए ठहराव, भोजन, सुरक्षा और सफाई की मुकम्मल तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन माह में गंगा जल लेकर हरिद्वार से भगवान शिव को अर्पित करने निकलने वाले कांवडिय़ों के स्वागत के लिए इस बार गाजियाबाद नगर निगम की तैयारी पहले से कहीं अधिक भव्य और व्यवस्थित होने जा रही है। साईं उपवन में आयोजित हो रहे 14वें विशाल कावड़ शिविर को नगर निगम न केवल सेवा और भक्ति का प्रतीक बना रहा है, बल्कि इस बार इसे प्लास्टिक मुक्त और जीरो वेस्ट मॉडल पर आधारित कर पर्यावरणीय जागरूकता का आदर्श मंच भी बना रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने रविवार को अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार,उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता आश कुमार, साईं मंदिर ट्रस्ट समिति, नगर निगम समिति के कर्मचारी चौब सिंह, मयूर गिरधर, विनोद त्यागी, विशाल गौरव आदि के साथ साईं उपवन का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया और साफ निर्देश दिए कि कांवडिय़ों की सेवा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए, और पूरा शिविर स्वच्छता व पर्यावरण संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करे।
नगर निगम की योजना के अनुसार, शिविर लगातार 6 दिनों तक खुलेगा और दिन-रात कांवडिय़ों को भोजन, चिकित्सा और विश्राम की सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। अनुमान है कि एक लाख से अधिक श्रद्धालु इस शिविर से लाभान्वित होंगे। विश्राम के लिए 200 से अधिक तख्त लगाए जाएंगे, जिन पर कालीन बिछाकर आरामदायक व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रकाश, शीतलन (कूलर-पंखे), पीने का पानी, स्नानगृह, मोबाइल टॉयलेट्स, डस्टबिन्स और मेडिकल सहायता की भी समुचित व्यवस्था रहेगी। सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में अब गाजियाबाद का कांवड़ शिविर एक मिसाल की तरह देखा जाता है। नगर निगम की योजनाबद्ध कार्यशैली, पर्यावरणीय दृष्टिकोण और समर्पण भाव इसे राष्ट्रव्यापी आयोजन में रोल मॉडल बना रहा है।
प्लास्टिक मुक्त शिविर, हर कोने में होगी सफाई की निगरानी
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस बार यह शिविर न सिर्फ धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति नागरिकों को जिम्मेदार बनाने का भी माध्यम बनेगा। पूरे परिसर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक होगी और हर गतिविधि को ‘जीरो वेस्टÓ की अवधारणा से जोड़ा जाएगा। सफाई व्यवस्था के लिए विशेष दस्ते बनाए जाएंगे, जो दिन-रात अलग-अलग शिफ्टों में काम करेंगे। साथ ही कंट्रोल रूम बनाकर सीसीटीवी कैमरे, फ्लेक्स बोर्ड, डिजिटल डिस्प्ले आदि के ज़रिए सुरक्षा और निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
हर कांवडि़ए की सुविधा, हर नागरिक का दायित्व
नगर निगम की योजना इस बार सेवा को केवल शिविर तक सीमित नहीं रखना चाहता। गाजियाबाद के हर नागरिक से आह्वान किया गया है कि वे शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपना सहयोग दें और प्रशासन के साथ मिलकर सेवा में भागीदार बनें। इस दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि यह शिविर सेवा और सामाजिक समर्पण का प्रतीक बनेगा। हम कांवडिय़ों की सुविधा के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण चेतना को भी जन-जन तक पहुँचाना चाहते हैं। यह आयोजन श्रद्धा और जागरूकता का संगम बनेगा।
प्रशासन के साथ ट्रस्ट और सामाजिक संगठन भी मैदान में
नगर निगम के अलावा साईं मंदिर ट्रस्ट और शहर के तमाम सामाजिक संगठनों ने भी इस शिविर को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। ट्रस्ट की ओर से मयूर गिरधर, चोब सिंह, विनोद त्यागी, विशाल गौरव जैसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति शिविर की भव्यता और प्रबंधन में सहयोग का प्रतीक है। महापौर सुनीता दयाल स्वयं इस शिविर की नियमित समीक्षा कर रही हैं और आयोजन की सफलता के लिए हर स्तर पर निगरानी और मार्गदर्शन कर रही हैं।

म्युनिसिपल कमिश्नर, गाजियाबाद
गाजियाबाद नगर निगम का प्रयास है कि इस बार का कांवड़ शिविर सिर्फ सेवा और सुविधा तक सीमित न रहे, बल्कि यह एक पर्यावरणीय और सामाजिक संदेश भी दे। हमारा लक्ष्य है कि यह शिविर पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और जीरो वेस्ट आधारित हो। हर साल की तरह इस बार भी कांवडिय़ों को 24 घंटे भोजन, विश्राम, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हम चाहते हैं कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित, संतुष्ट और आनंदित होकर शिवभक्ति में लीन हो। नगर निगम की पूरी टीम इसी भावना के साथ जुटी हुई है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















