डीएससी रोड (दादरी- सूरजपुर-छलेरा) रोड पर हल्द्वानी मोड़ के पास अक्सर जलभराव की समस्या रहती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। इस मामले में महाप्रबंधक परियोजना आशीष कुमार सिंह को लगा दिया और समस्या के समाधान के आदेश दिए। तहकीकात में पता चला कि इसमें अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक की भारी लापरवाही है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी।
ग्रेटर नोएडा। डीएससी रोड पर जलभराव की समस्या को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया है। प्राधिकरण ने कर्मचारियों पर चाबुक चला दिया है। तकनीकी सुपरवाइजर, सुपरवाइजर समेत सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। जबकि वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक का नवंबर माह का वेतन रोक दिया गया है। समस्या के समाधान होने तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
डीएससी रोड (दादरी- सूरजपुर-छलेरा) रोड पर हल्द्वानी मोड़ के पास अक्सर जलभराव की समस्या रहती है। यह लो लैंड एरिया है। इसके चलते समस्या आम बात है। पिछले तीन दिनों से यहां लगातार पानी भरा हुआ था। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे को खूब उठाया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। इस मामले में महाप्रबंधक परियोजना आशीष कुमार सिंह को लगा दिया और समस्या के समाधान के आदेश दिए।
नवनियुक्त जीएम एके सिंह ने मामले की तहकीकात की तो पता चला कि इसमें अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक की भारी लापरवाही है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। यह इलाका वर्क सर्कल तीन में आता है। इसलिए वर्क सर्किल 3 के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रबंधक नितेश कुमार और सहायक प्रबंधक मनोज कुमार का नवंबर माह का वेतन रोक दिया। जबकि तकनीकी सुपरवाइजर नीरज बंसल, धीरज सिंह, सुपरवाइजर परवेज ,सुरेश, बलराज, तफ़्फ़ारुफ़ अली व फूलमिया को नौकरी से हटा दिया। जीएम ने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आमजन से जुड़ा हुआ मामला है। लोगों को राहत देना प्राधिकरण की पहली जिम्मेदारी है।
















