हरित डिजिटल क्रांति का आगाज: सीएम योगी ने किया देश के पहले ग्रीन डेटा सेंटर का शिलान्यास

-सीईएल की यात्रा को बताया आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा, 2027 तक यूपी में 20,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य
-डिसइन्वेस्टमेंट की कगार से मिनी रत्न बनने तक, सीईएल की कहानी है आत्मनिर्भर भारत की कहानी
-डिजिटल इंडिया और ग्रीन इंडिया को देगा मजबूती: 30 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के खिलाफ जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बहाने ब्रम्होस और आकाश मिसाइलों की खुलकर तारीफ की। सीएम योगी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रम्होस और आकाश मिसाइल का सफलतापूर्वक पाकिस्तान पर परीक्षण होने के बाद अब यह मिसाइल दुनिया के लिए विश्वसनीय बन गई हैं।गुरूवार को साहिबाबाद स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के ईंएसडीएम के साथ मिलकर ब्रम्होस मिसाइल के लिए विभिन्न कलपुर्जों की आपूर्ति करने वाले उपक्रम में स्थापित किए जाने वाले हरित डेटा सेंटर की मुख्यमंत्री योगी ने आधार शिला रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साहिबाबाद में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) में ग्रीन डेटा सेंटर का हवन-पूजन करने के बाद शिलान्यास किया। उन्होंने सीईएल की 50 वर्षों की सफल यात्रा और उसके पुनरुत्थान की सराहना की,जो अब एक मिनी रत्न कंपनी बनकर सरकार को लाभांश दे रही है।। यह नया डेटा सेंटर डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देगा, औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित डेटा स्टोरेज प्रदान करेगा और तकनीकी विकास व रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि सीईएल प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गुरूवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रीन डाटा सेंटर का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईएल 50 वर्ष की शानदार यात्रा के बाद अमृतकाल की ओर सीईएल अग्रसर है। यह किसी भी संस्थान के लिए गौरवशाली अवसर है। बीच में अंधकार के बादल सीईएल पर मंडरा रहे थे। अब मिनी रत्न बनकर सरकार को लाभांश भी दे रहे हैं। यह सफलतापूर्ण कहानी बताती है कि सीईएल प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए तत्पर है।

विकसित भारत का लक्ष्य पाने की दिशा में सीईएल ने किया काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साहिबाबाद में सीईएल के ग्रीन डाटा सेंटर का भूमि पूजन व शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलें पाकिस्तान में टेस्टेड और दुनिया में ट्रस्टेड हो गई हैं,जिनके उपकरण सीईएल ने उपलब्ध कराए। योगी ने सीईएल की घाटे से मुनाफे में वापसी की सराहना की और इसे प्रधानमंत्री के नेट जीरो संकल्प तथा उत्तर प्रदेश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर देश की पहली क्वांटम यूनिट नोएडा में स्थापित करने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइल पाकिस्तान में टेस्टेड और दुनिया में ट्रस्टेड हो गई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मिसाइलों को भारत ने पाकिस्तान में टेस्ट किया और पाक को सबक सिखाया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों के लिए सीईएल ने उपकरण उपलब्ध कराए। इन उपकरणों की मदद से ही यह मिसाइलें तैयार हुईं। आज दुनिया इन मिसाइलों की ताकत को पसंद कर रही है।

सीईएल में ग्रीन डाटा सेंटर के भूमिपूजन व आधार शिला रखने के बाद मुख्यमंत्री ने सीईएल की स्वर्ण जयंति समारोह वर्ष की समाप्ति पर प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया और डाटा सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कंपनी परिसर में अशोक का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम में सीईएल की तरफ  से भारत सरकार को 21 करोड़ रुपए के लाभांश का चेक भी भेंट किया गया। सीईएल और मल्टी इंफ्रा के बीच 200 मेगावाट सोलर माड्यूलर के लिए एमओयू भी हस्तांतरित हुआ। सीएम योगी ने कहा कि यह डाटा सेंटर प्रधानमंत्री के वर्ष-2070 तक नेट जीरो के संकल्प की तरफ  मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब सीईएल ने सवर्णिम काल देखा और एक समय वह आया जब सीईएल ने अंधेरे के बादल देखे। आज कंपनी के कर्मचारियों व अधिकारियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन से आज सीईएल लभांश वाली कंपनी बन गई है। उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तर प्रदेश 20,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पन्न करेगा, जिसमें सीईएल की भूमिका प्रमुख होगी।

आईआईटी में स्थापित होगी देश की पहली क्वांटम यूनिट: इस मौके पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम जल्द ही नोएडा में आईआईटी के अंदर देश की पहली क्वांटम यूनिट स्थापित करेंगे। इसके साथ ही लखनऊ के नजदीक बायोटेक्नोलाजी पाकज़् स्थापित करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री असीम अरुण, राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप,भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, सीईएल के सीएमडी चेतन प्रकाश जैन आदि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीईएल नुकसान से बाहर निकलकर अब मुनाफा देने वाला संस्थान बन चुका है और 50 वर्ष की कामयाबी की कहानी के साथ अब अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। आज के समय में सीईएल रेलवे, रक्षा, अक्षय ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नवाचार कर रहा है और संस्था की प्रौद्योगिकी और इनोवेशन देश को मजबूती दे रहे हैं। देश का पहला सोलर फोटोवोल्टिक माड्यूल सीईएल ने तैयार किया था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले आठ साल में उत्तर प्रदेश के विकास को नए पंख लगे हैं।

आज यहां की अर्थव्यवस्था ढ़ाई गुना तक बढ़ी है। उत्तर प्रदेश की छह करोड़ की आबादी को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। एक समय उत्तर प्रदेश का परसेप्शन पूरे देश भर में खराब था। उत्तर प्रदेश के लोगों के आगे पहचान का संकट आ गया था, बाहर के लोग यहां के लोगों को हीन भावना से देखते हैं लेेकिन आज यह धारणा बदली है। लोग उत्तर प्रदेश के लोगों को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। उत्तर प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से 15 लाख करोड़ के निवेश को ग्राउंड ब्रेकिंग के जरिए प्रोडक्शन से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को साकार करने की दिशा में किस प्रकार काम करना है, यह सीईएल ने कर दिखाया है। 1974 में स्थापना के बाद नवीकरणीय ऊर्जा के लिए सोलर सेल बनाया,आज यहां देश का पहला ऐसा डाटा सेंटर बन रहा है, जैसी तकनीक अभी तक नहीं थी।

सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के 51वें स्थापना दिवस के मौके पर गुरुवार को पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीईएल में बनने वाले ग्रीन डाटा सेंटर के लिए विधि-विधान से पूजा कर भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में डाटा सेंटर की आधारशिला रखी। इसके बाद सीईएल के अध्यक्ष चेतन प्रकाश जैन ने डाटा सेंटर की मॉडल को दिखाते हुए उसकी विशेषताओं और बारीकियों के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक डाटा स्टोरेज सेंटर (डाटा सेंटर) के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा,कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी भारतीयों को 2047 का लक्ष्य दिया कि जब भारत आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा, तब हम कैसा भारत चाहते हैं, भारत कैसा होगा। भारत लाचार भारत न हो, भारत दुनिया के सामने अभावग्रस्त न हो,भारत आत्मनिर्भर हो, विकसित भारत हो और विकसित भारत का रास्ता इस प्रकार के संस्थानों से होकर जाता है।