-पनीर, दूध, रोटी पर टैक्स खत्म, घर बनाने का खर्च घटा, बाजार में नई तेजी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत की कर प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब जीएसटी के तहत केवल दो मुख्य दरें लागू होंगी 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। सबसे अहम बात यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं पूरी तरह टैक्स मुक्त होंगी, जबकि हानिकारक और लक्जरी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत तक कर लगाया जाएगा। यह सुधार 22 सितम्बर 2025, नवरात्रि के शुभ अवसर से लागू किया जाएगा। प्रदेश मीडिया प्रभारी, ओबीसी मोर्चा भाजपा मंत्री प्रतिनिधि डॉ. सौरभ जायसवाल ने इस फैसले को स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े कर सुधारों में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा बल्कि उद्योग और व्यापार जगत को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उनके अनुसार यह सुधार वास्तविक रूप से जनता का टैक्स सुधार, जनता के लिए टैक्स सुधार है, जो गरीब से गरीब परिवार तक सीधी राहत पहुंचाएगा।
डॉ. जायसवाल ने बताया कि अब पनीर, दूध, रोटी, जीवन बीमा और दवाइयाँ पूरी तरह जीएसटी मुक्त हो गई हैं। इसका सीधा असर हर परिवार की जेब पर पड़ेगा क्योंकि जिन वस्तुओं का रोजाना उपभोग होता है, वे बिना टैक्स के उपलब्ध होंगी। इससे न केवल महंगाई का दबाव कम होगा बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अधिक बचत का अवसर मिलेगा। साथ ही टीवी, एसी और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरण भी आठ से नौ प्रतिशत तक सस्ते हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से आम आदमी के घर का बजट सुधरेगा और लोगों की क्रयशक्ति में वृद्धि होगी। उपभोग बढ़ेगा और बाजार में नई तेजी आएगी। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार के इस बड़े कदम से निर्माण क्षेत्र को भी बड़ी राहत दी गई है। सीमेंट पर कर घटाने का सीधा असर घर बनाने की लागत पर पड़ेगा।
इससे आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। डॉ. जायसवाल का कहना है कि यह सुधार भारत को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि लाखों परिवारों के लिए अपने घर का सपना भी साकार करेगा। उन्होंने कहा कि जब निर्माण क्षेत्र में लागत घटेगी तो रोजगार भी बढ़ेगा और इससे युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी। इस तरह यह सुधार एक साथ कई वर्गों को राहत देने वाला है। मोदी सरकार ने इस बार यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जनता का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। पान मसाला, सिगरेट और अन्य हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाकर यह संदेश दिया गया है कि सरकार अब स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेगी। डॉ. जायसवाल ने कहा कि यह फैसला समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देगा और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वस्थ भारत की राह खोलेगा। डॉ. जायसवाल ने कहा कि यह सुधार उद्योग और व्यापार जगत के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।
अब कर प्रणाली और अधिक सरल और पारदर्शी होगी, जिससे व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी और कारोबार करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा और छोटे-बड़े सभी व्यापारी निष्पक्ष व्यवस्था में काम कर पाएंगे। डॉ. जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला केवल एक कर सुधार नहीं बल्कि भारत की आर्थिक दिशा को बदलने वाला कदम है। उनके अनुसार यह सुधार उपभोग को बढ़ाएगा, बाजार को मजबूती देगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को निर्णायक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की कतार में और तेजी से आगे ले जाएगा। इसे उन्होंने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधार बताते हुए कहा कि इससे आम जनता, व्यापारी और उद्योग जगत सभी को फायदा होगा।
















