-सामूहिक पहल ने हरित समाज के निर्माण और समाज सेवा की भावना को किया जाग्रत
-जिंदादिल व्यक्तित्व के धनी डॉ. लांबा को पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आई.आर.एस. सोसायटी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक और भावनाओं से भरा हुआ रहा। सोसायटी के निवासियों ने आई.आर.एस. सोसायटी निवासी कल्याण समिति के बैनर तले स्थानीय पार्षद हरीश काराकोटी के साथ एकजुट होकर प्रख्यात चिकित्सक दिवंगत डॉ मोहिंदर सिंह लांबा की स्मृति में पौधारोपण किया। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर इस पुण्य कार्य में शामिल हुए और एक स्वच्छ-हरित समाज के संकल्प को मजबूत किया। समिति के संरक्षक बी. डी. शर्मा और संयोजक ढाका ने डॉ. लांबा को याद करते हुए कहा कि वे अत्यंत मिलनसार, सरल और जिंदादिल इंसान थे। उन्होंने कभी किसी को छोटा-बड़ा नहीं समझा, हर किसी से मुस्कुराकर बात करना और अपने मधुर व्यवहार से दिल जीतना उनका स्वभाव था। उनके जाने के बाद भी उनकी यह निश्छल छवि सबके हृदय में सदा जीवित रहेगी। स्थानीय पार्षद हरीश काराकोटी ने कहा कि डॉ. लांबा का सपना था कि एक बड़े चिकित्सालय का निर्माण कर अधिक से अधिक लोगों की सेवा की जाए। आज उनके न रहने पर भी उनका परिवार बेटे डॉ. जे. एस. लांबा और उनकी पुत्रवधू उनके पदचिह्नों पर चलते हुए समाज सेवा और चिकित्सा सेवा के कार्य में निरंतर लगे हुए हैं।
पार्षद ने कहा कि पौधारोपण के माध्यम से डॉ. लांबा की स्मृति को जीवित रखना एक सराहनीय पहल है। डॉ. जे. एस. लांबा ने भावुक होते हुए बताया कि विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आने के बाद उनके पिता ने मुंबई से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की थी और करनाल में प्रथम एम.बी.बी.एस. चिकित्सक के रूप में अखिल भारतीय चिकित्सक संघ की स्थापना की। अपने अंतिम समय तक वे ‘अखिल भारतीय चिकित्सक संघ, करनाल’ के मार्गदर्शक और आधारस्तंभ बने रहे। वे केवल एक चिकित्सक ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के हितैषी थे। समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रदीप गुप्ता ने कहा कि किसी सोसायटी में किसी दिवंगत व्यक्ति की स्मृति में सामूहिक पौधारोपण दुर्लभ दृश्य है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है बल्कि उस महान आत्मा की यादों को भी जीवंत रखती है। उन्होंने इसे सोसायटी के इतिहास का एक अविस्मरणीय क्षण बताया।
कार्यक्रम में रितेश सिंह (न्यायिक अधिकारी), हरीश चौधरी, अशोक छाबड़ा, बीना सिंघल, संजीव ढाका, बी. डी. शर्मा, डॉ. मोहिंदर सिंह लांबा, चंद्रजीत पाठक, आशुतोष सिंघल, नारंग जी, मनीष गौड़, मनोज पालीवाल, रजत शर्मा, सुषमा रानी और आराधना सिंघल सहित अनेक निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डॉ मोहिंदर सिंह लांबा की पुण्य स्मृति में किए गए इस पौधारोपण कार्यक्रम ने सोसायटी को नई प्रेरणा दी और यह संदेश दिया कि किसी महान व्यक्तित्व के आदर्श तभी अमर होते हैं जब समाज मिलकर उन्हें आगे बढ़ाए।

















