जिलाधिकारी माँदड़ की जनसुनवाई में समस्याओं का तत्काल और गुणवत्तापूर्ण समाधान बनी प्राथमिकता

  • कलेक्ट्रेट में नागरिकों ने रखी समस्याएँ, सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी
  • करंट से झुलसे युवक को मिली तुरंत सहायता, मुख्यमंत्री सहायता निधि और रेड क्रॉस से मदद सुनिश्चित
  • अधिकारियों को दिए निर्देश: स्थलीय निरीक्षण, फीडबैक और शत-प्रतिशत समाधान अनिवार्य
  • जनसुनवाई में पारदर्शिता, तत्परता और प्रशासनिक जवाबदेही के नए मानक स्थापित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा प्रतिदिन की तरह बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों ने इस बार भी बढ़-चढ़कर अपनी समस्याओं और शिकायतों को रखा। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रार्थी की बात को ध्यानपूर्वक सुना और समझते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों का समाधान गुणवत्ता के साथ किया जाएगा।
जिलाधिकारी की इस सक्रिय जनसुनवाई में नगर निगम, पुलिस विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित प्रार्थनाएँ और शिकायतें प्राप्त हुईं। उन्होंने प्रार्थियों से यह भी जाना कि क्या उन्होंने पहले कभी इसी विषय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सभी का समाधान शीघ्र एवं प्रभावी रूप से किया जाएगा।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आई सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थलीय निरीक्षण योग्य मामलों का निरीक्षण किया जाए और शिकायतों का समाधान करने के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी अनिवार्य होगा। जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने करंट लगने से जलने के मामले में मदद और मुआवजे की गुहार लगाई। पीडि़त ने बताया कि करंट लगने से उसके शरीर का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है और उसका ईलाज चल रहा है।

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर मुआवजा देने का आदेश दिया, साथ ही मुख्यमंत्री सहायता निधि और रेड क्रॉस के माध्यम से भी मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडि़त को भरोसा दिलाया कि इलाज और आवश्यक सहायता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सक्रियता और तत्परता से नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। उनकी जनसुनवाई ने यह साबित किया कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता और गुणवत्तापूर्ण समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी की स्पष्ट नीतियां:
• सभी शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण और फीडबैक सुनिश्चित किया जाएगा।
• आपात और संवेदनशील मामलों में तत्काल समाधान व सहायता प्रदान की जाएगी।
• जनसुनवाई को नियमित रूप से जारी रखते हुए नागरिकों की समस्याओं का सतत निस्तारण किया जाएगा।
इस पहल से गाजियाबाद में प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिक सेवा का एक नया मानक स्थापित हुआ है। जिले के नागरिकों ने जिलाधिकारी की सक्रिय भूमिका और संवेदनशीलता की खुले दिल से सराहना की है।