-नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ समाज का हो सकता है निर्माण, युवा पीढी को होना होगा जागरुक
-नशे के विरुद्ध युवाओं की जागरूकता है असली हथियार
गाजियाबाद। नशा व्यक्ति को ही नहीं बल्कि समाज को भी खोखला करता है। नशे से दूर रहकर ही हम स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकते हैं। युवाओं व विद्यार्थियों को हमेशा नशे से दूर रहना चाहिए। छात्रों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। आज के दौर में नशा एक फैशन सा बन चुका है। अगर एक दोस्त किसी भी प्रकार का नशा करता है तो दूसरा दोस्त भी उसे देखकर नशा करना शुरू कर देता है। यह गलत है। हम लोगों को मिलकर युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त रखना होगा। जो भी नशा करता है, उसकी पहचान करके उसे जागरूक करना होगा, ताकि वह नशा छोड़ कर अपनी पढ़ाई दिल लगाकर कर सके। एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभियान के तहत नौनिहालों को जागरूक कर रहा है।
जिला आबकारी विभाग द्वारा सोमवार को जनपद में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान जोर-शोर से चलाया गया। इसके तहत सभी आबकारी निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इससे पूर्व जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के निर्देशन में कार्यालय पर आबकारी निरीक्षक हिम्मत सिंह, डॉ. राकेश त्रिपाठी, अखिलेश वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, मनोज शर्मा, अनुज वर्मा एवं अभय दीप सिंह ने इसकी पहल खुद से करते हुए स्टाफ को ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत शपथ दिलाई। उन्होंने कहा समाज में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। नशे का सेवन व्यक्ति को शारीरिक मानसिक आर्थिक व सामाजिक रूप से हानि पहुंचाता है। नशापान सामाजिक बुराई है, इससे मुक्त होना आवश्यक है। जिससे हमारा समाज प्रगति करेगा।
मोदीनगर निवाड़ी स्थित एसके इंटर कॉलेज, मोदी चीन मील, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज विजयनगर, कम्पोजिट विद्यालय कड़कड़ मॉडल, प्राथमिक विद्यालय सिहानी -3, एमडीएस हायर सेकेंडरी स्कूल भोवापुर, प्राथमिक विद्यालय राजनगर, न्यू समेकित विद्यालय नूरनगर, प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जाकर स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गई। आबकारी निरीक्षक हिम्मत सिंह, डॉ. राकेश त्रिपाठी, अखिलेश वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, अनुज वर्मा एवं अभय दीप सिंह ने संयुक्त रुप से बच्चों को जागरूक करते हुए कहा वैसे तो बच्चों को नशे से रोकने के लिए कई कानून हैं। यहां तक कि बच्चों को तम्बाकू उत्पाद व अन्य नशीली सामग्री बेचने पर भी प्रतिबंध है।
इतना ही नहीं विद्यालयों के समीप नशीले वस्तुओं की दुकान खोलने पर भी रोक है। लेकिन सिर्फ नियम-कानूनों के बल पर बच्चों को नशे से दूर नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। न सिर्फ माता-पिता बल्कि अन्य अभिभावकों, पड़ोसियों, शिक्षकों के साथ ही समाज के हर व्यक्ति को इस बारे में सजग रहना होगा। तभी हम इस दिशा में कामयाब हो सकते हैं। यह सब करने से पहले हमें खुद भी नशे से दूर रहना होगा तभी हम बच्चों को नशा करने से रोक सकेंगे। शुरू में नशा काफी अच्छा लगाता है, लेकिन बाद में नशे का लती कई रोगों का शिकार हो जाता है। इसलिए हमेशा नशे से दूर रहना चाहिए। नशा करने वालों को भी इससे होने वाले रोगों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र, हर स्कूल व कॉलेज में जाकर इस अभियान को चला रहे हैं। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोग संस्था से जुड़ें, ताकि क्षेत्र को नशा मुक्त बनाया जा सके।
गौतम पब्लिक स्कूल के बच्चों को दिलाई नशे से दूर रहने की शपथ
प्रताप विहार स्थित पी ब्लॉक गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को आबकारी विभाग की ओर से एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चलाया गया। स्कूल के डायरेक्टर आशीष गौतम, प्रधानाचार्या पूनम गौतम, उपप्रधानाचार्य तनुजा, एकेडमिक हेड चेतन शर्मा, आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा ने संयुक्त रुप से शिक्षकों एवं स्कूली बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव को बताते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा ने बच्चों को बताया कि समाज में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय है। युवा नशे के शिकार होकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। नशे में फंसे युवा न केवल अपना करियर बर्बाद कर रहे हैं बल्कि अभिभावकों की उम्मीदों को भी धूमिल कर रहे है। नशे से किसी का भला नहीं हुआ, नशा करने वाले का सामाजिक और नैतिक दोनों ही पतन निश्चित है।
उन्होंने कहा नशे में युवा न केवल अपना नाश करता है बल्कि परिवार भी इसका शिकार होता है। अभिभावक अपने बच्चों की ख्वाहिशें पूरी करने में ही व्यस्त न रहें, बल्कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें। उनके बच्चे कर क्या रहे हैं, उनकी संगत क्या है। आज हालात ये हैं कि जब तक बच्चों को अभिभावक संभालते हैं तब तक बच्चा नशे में पूरी तरह डूब चुका होता है, फिर उस नशे की लत को छुड़वा पाना भी संभव नहीं होता। इससे बेहतर है कि समय रहते नशे के प्रति अभिभावक और बच्चे सजग रहें। प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने बच्चों को नशे के विरुद्ध जागरूक करते हुए कहा नशा मनुष्य को नाश कर देता है, नशामुक्त समाज से ही सुनहरे भविष्य का निर्माण होता है।
इसके लिए सबको एक साथ कदम से कदम और हाथ से हाथ मिलाकर नशे की लत को दूर भगाने की मुहिम में साथ निभाना चाहिए। तभी जीवन खुशहाल होगा। खुशहाल जिंदगी के लिए नशे से दूरी बनाए रखें। नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले समाप्त हो जाता है और उसके परिवार को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। युवा हमारी भावी पीढ़ी है तथा एक स्वस्थ राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका होती है। इसलिए, हमारा यह दायित्व बनता है कि हम युवाओं को नशे से दूर रखने में अपनी भूमिका अदा करें व अपने परिवार की युवा-पीढ़ी को नशे से दूर रखें।
उपप्रधानाचार्य तनूजा ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी चिंता का विषय है। युवाओं को इस दुष्प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए उनकी तरफ से भी प्रयास किया जा रहे हैं। नशा सारी बुराइयों की जड़ है और नशे की लत में पड़े व्यक्ति के लिए एक समय ऐसा भी आ जाता है कि नशा नहीं मिलने पर वह अपराधों में लिप्त हो जाता है। जिससे समाज के साथ उनके परिवार की प्रतिष्ठा भी धूमिल होती है। नशे से हमेशा ही नाश हुआ है, किसी का भला नहीं। ये बात अच्छी तरह समझनी होगी। मेरा मानना है कि अभिभावक भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, वे खुद को कमाने और बच्चों का पालन करने तक ही सीमित ना रहें, बल्कि उनके हर बात और आदत में भागीदारी निभाएं। बहुत से युवा तो शौक के लिए नशा करते हैं। शुरुआत में तो यह अच्छा लगता है, मगर बाद में बदहाली और मौत की वजह भी बन जाता है। इसमें खुद का शरीर खोखला करने के बाद सामाजिक प्रतिष्ठा भी दाव पर होती है। हमें चाहिए कि सांझी भागेदारी से समाज व युवा वर्ग को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रयास करें।






















