- मिशन नशा-मुक्त: अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान
- मिशन जाम-मुक्त: बेहतर यातायात प्रबंधन से सड़कों पर सफर आसान और सुरक्षित
- मिशन अवैध शस्त्र मुक्त: अवैध हथियारों पर कड़ी निगरानी, अपराध रोकने में अहम कदम
- साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा: साइबर अपराधियों के खिलाफ सतत कार्रवाई और महिला संरक्षण
- जन सहभागिता: नागरिकों से सहयोग, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की सुविधा
- गुणवत्तापूर्ण विवेचना: इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से अपराधियों को न्याय सुनिश्चित
- संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराध नियंत्रण: बीटवार गंभीर प्रकरणों की पहचान और निरोधात्मक कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नववर्ष-2026 में गाजियाबाद को नशा मुक्त, जाम मुक्त और अवैध शस्त्र मुक्त बनाने को पुलिस कमिश्नरेट ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाई है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि वर्ष-2026 में कमिश्नरेट का मुख्य लक्ष्य जनपदवासियों को सुरक्षित और अपराधमुक्त वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष की तुलना में अपराधों में कमी आई है और इस वर्ष विशेष अभियानों के माध्यम से अपराध दर को न्यूनतम स्तर तक लाने का संकल्प लिया गया है। कमिश्नर ने कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार और नशाखोरी अपराध की जड़ हैं। इसके लिए पूरे जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल गठित की गई है। जोन स्तर पर पुलिस उपायुक्तों के निर्देशन में प्रत्येक थाने में बीटवार अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अभियान के तहत नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी। जनसंख्या और वाहनों की अधिकता के चलते शहर में यातायात जाम की समस्या गंभीर है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए जीरो फैटेलिटी और जाम मुक्त सड़कों के लिए वर्टिकल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत नशे में वाहन चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध हथियारों का प्रसार हत्या, लूट और जबरन वसूली जैसे अपराधों को बढ़ावा देता है। वर्ष-2026 में पूरे जनपद में अवैध शस्त्र धारकों और निर्माताओं के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। जोनल स्तर पर पुलिस उपायुक्त इस निगरानी के प्रभारी होंगे। साइबर अपराध की रोकथाम और विवेचना के लिए थानों पर साइबर सेल गठित हैं। महिला सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र और पूरे जिले में 20 पिंक बूथ सक्रिय हैं। इसके साथ ही पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए परिवार परामर्श केंद्र भी संचालित होंगे। पुलिस कमिश्नर ने नागरिकों से अपील की कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, अवैध शस्त्रों और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए गुप्त कॉल और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सभी अभियोगों की विवेचना साक्ष्य आधारित प्रणाली के अनुसार की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से अपराधियों को न्याय दिलाया जाएगा। इसके लिए कन्विक्शन सेल गठित है जो न्यायालयों में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी करेगी और गवाहों को समय पर न्यायालय में उपस्थित कराएगी। विगत 10 वर्षों के अपराधियों का सत्यापन और पाबंदी कार्रवाई जारी रहेगी। थानों में हत्या, बलवा, भूमि विवाद और आपसी रंजिश रजिस्टर अद्यावधिक किए जाएंगे। बीटवार गंभीर प्रकरणों को चिन्हित कर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह संकल्प न केवल कानून व्यवस्था मजबूत करेगा बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता और पुलिस की सक्रिय निगरानी से गाजियाबाद को 2026 में अपराध मुक्त बनाना संभव है।
















